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World Para Athletics Championships 2025: सिमरन, प्रीति और नवदीप की चमक से भारत ने रचा इतिहास, जीते 22 पदक...

World Para Athletics Championships 2025: भारत ने वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। भारतीय खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में कुल 22 पदक अपने नाम किए, जो इस चैंपियनशिप के इतिहास में भारत का सर्वोत्तम प्रदर्शन है। पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नवदीप सिंह ने पुरुषों की भाला फेंक (F14 कैटेगरी) में सिल्वर मेडल जीतकर भारत में आखिरी पदक डाला। उन्होंने 45.46 की दूरी तक भाला फेंककर यह सफलता हासिल की। Read More: NZ vs SA Womens WC 2025: ब्रिट्ज-लुस की पार्टनरशिप से साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हराया…

सिमरन और प्रीति का धमकेदार प्रदर्शन...

चैंपियनशिप के आखिरी दिन भारत के नाम 3 सिल्वर और एक ब्रॉन्ज पदक आए। महिलाओं की 100 मीटर T35 रेस में प्रीति पाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। शुरुआती दौर में तकनीक गड़बडी होने की वजह से उन्हें 2 बार गर्म और उमस भरे माहोल में दौड़ना पड़ा, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं, सिमरन शर्मा ने इस चैंपियनशिप में डबल धमाका किया। पहले उन्होंने महिलाओं की T20 100 मीटर रेस में गोल्ड जीता और फिर 200 मीटर T12 स्पर्धा में सिल्वर अपने नाम किया। यह उनकी प्रतियोगिता में छठी रेस थी, इसके बावजूद उन्होंने पूरे जोश और ऊर्जा के साथ प्रदर्शन किया।

गोल्ड से चूके नवदीप सिंह...

पुरुषों की 200 मीटर T44 स्पर्धा में एथलीट संदीप ने 23.60 सेकेंड का अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं, भाला फेंक खिलाड़ी नवदीप सिंह 45.46 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर तक ही सीमित रहे। ईरान के सादेघ बीट सयाह ने 48.86 मीटर का शानदार थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। नवदीप ने अपने तीसरे प्रयास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया था, लेकिन सयाह के आखिरी थ्रो ने उन्हें दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया।

भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन...

इस चैंपियनशिप में भारत ने कुल 22 पदक जीते — 6 स्वर्ण पदक (Gold) 9 रजत पदक (Silver) 7 कांस्य पदक (Bronze) यह प्रदर्शन भारतीय पैरा एथलीट्स की मेहनत, समर्पण और निरंतर प्रगति का प्रतीक है।

टॉप-3 देशों की स्थिति...

1. पॉइंट टेबल में ब्राजील शीर्ष पर रहा, जिसने 44 पदक (15 गोल्ड, 20 सिल्वर, 9 ब्रॉन्ज) जीते। 2. चीन 52 पदकों (13 गोल्ड, 22 सिल्वर, 17 ब्रॉन्ज) के साथ दूसरे स्थान पर रहा। 3. वहीं, ईरान ने 16 पदक (9 गोल्ड, 2 सिल्वर, 5 ब्रॉन्ज) के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि...

22 पदकों के साथ भारत कुल मिलाकर 10वें स्थान पर रहा। यह प्रदर्शन भारतीय पैरा एथलीट्स के लिए नई प्रेरणा लेकर आया है। उन्होंने न केवल देश का नाम रोशन किया, बल्कि यह भी साबित किया कि अगर इच्छाशक्ति प्रबल हो तो कोई बाधा बड़ी नहीं होती। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद खेल मंत्रालय और पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया ने सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को बधाई दी है।