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सोनम वांगचुक: NSA लगाया, जोधपुर जेल भेजा, लेह में चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी
लेह में स्थिति तनावपूर्ण, चौथे दिन भी कर्फ्यू
ladakh statehood protest update sonam wangchuk: लेह में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। लगातार चौथे दिन कर्फ्यू लगा हुआ है और स्कूल-कॉलेज बंद हैं। प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी है ताकि माहौल नियंत्रण में रहे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए। हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय और CRPF की गाड़ियों में आग लगा दी थी।ladakh statehood protest update sonam wangchuk: गिरफ्तारी से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी प्रेस कॉन्फ्रेंस से कुछ घंटे पहले हुई। वे निर्धारित समय पर लेह नहीं पहुंचे, जिससे आयोजकों को संदेह हुआ। बाद में उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि हुई। इसके बावजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें आयोजकों ने कहा कि:“हिंसा उन युवाओं की वजह से हुई जो नियंत्रण से बाहर थे, इसमें कोई विदेशी ताकत शामिल नहीं है।”लेह एपेक्स बॉडी के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने पुलिस और CRPF पर आरोप लगाया कि उन्होंने न तो पानी की बौछार की और न चेतावनी के लिए गोलियां चलाईं, बल्कि सीधे फायरिंग की। Read More:- क्या सच में हम अकेले हैं: आपकी ज़िन्दगी में भी है अकेलापन का दर्द
गिरफ्तारी से पहले सोनम वांगचुक को था अंदेशा
वांगचुक को पहले से अंदेशा था कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। एक दिन पहले उन्होंने कहा था:“अगर इस मुद्दे पर मुझे कभी गिरफ्तार होना पड़ा तो मैं खुश रहूंगा।”हालांकि, उनकी गिरफ्तारी से माहौल और अधिक बिगड़ सकता है। माना जा रहा है कि इससे लद्दाख के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच चल रही बातचीत पर भी असर पड़ेगा। वांगचुक पिछले पांच साल से लद्दाख के अधिकारों की लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं। स्थानीय लोग मानते हैं कि वे हिंसा भड़काने वाले नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण आंदोलन के नेता हैं।