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पुष्य नक्षत्र शुभ संयोग: आज से क्यों इन 2 दिनों को माना जाता है बेहद खास?

आज और कल पुष्य नक्षत्र में करें शुभ खरीदारी

इस वक्त की गई खरीदारी घर में बरकत लाती है 

pushya nakshatra 2025: त्योहारी सीज़न की शुरुआत हो चुकी है, और अब हर घर में खरीदारी की चर्चा है। लेकिन इस बार खास बात ये है कि पुष्य नक्षत्र का संयोग दो दिन यानी 14 और 15 अक्टूबर तक रहेगा। आज मंगलवार को मंगल पुष्य और कल बुधवार को बुध पुष्य पड़ रहा है — ज्योतिष में यह बेहद दुर्लभ और शुभ माना जाता है। कहते हैं कि "पुष्य नक्षत्र में खरीदी गई चीज़ें न केवल लंबे समय तक टिकती हैं, बल्कि घर में सुख, समृद्धि और सुरक्षा भी लाती हैं।" शायद यही वजह है कि लोग इस समय सोना, प्रॉपर्टी, वाहन, बीमा, और यहां तक कि घरेलू वस्तुएं भी खरीदना शुभ मानते हैं। Read More:- Self-love: क्या आप भी दूसरों को खुश करते-करते खुद को भूल चुके हैं?

क्या है आज और कल का शुभ मुहूर्त?

14 अक्टूबर (मंगल पुष्य + सिद्धि योग)

  • खरीदारी का समय: सुबह 7:30 बजे से रात 9:15 बजे तक
  • विशेष लाभ: नया व्यापार शुरू करना, बीमा पॉलिसी, बैंक निवेश, घरेलू उपयोग की वस्तुएं खरीदना

15 अक्टूबर (बुध पुष्य + साध्य योग)

  • खरीदारी का समय: सुबह 8:00 बजे से रात 8:40 बजे तक
  • विशेष लाभ: वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, शेयर मार्केट में निवेश, बहीखाते, जमीन की रजिस्ट्री

पुष्य के बाद भी मिलेंगे 5 दिन तक शुभ योग, जानें कब क्या खरीदें

16 अक्टूबर (मघा नक्षत्र)

  • क्या खरीदें: बिजनेस डील्स, ऑफिस फर्नीचर, नया प्रोजेक्ट लॉन्च
  • क्यों: नेतृत्व के फैसले के लिए अच्छा दिन

17 अक्टूबर (पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र)

  • क्या खरीदें: लाइटिंग, मोबाइल, होम डेकोर
  • क्यों: घर और ऑफिस को सजाने के लिए उत्तम समय

18 अक्टूबर (धनतेरस)

  • क्या खरीदें: सोना-चांदी, बर्तन, सेहत संबंधी वस्तुएं
  • क्यों: धन्वंतरि पूजन और स्वास्थ्य निवेश का आदर्श समय

19 अक्टूबर (रूप चौदस)

  • क्या खरीदें: व्हीकल, प्रॉपर्टी, गहने, इलेक्ट्रॉनिक्स
  • क्यों: दीर्घकालिक निवेश और भौतिक सुख-सुविधा की खरीद

20 अक्टूबर (दीपावली)

  • क्या खरीदें: पूजन सामग्री, श्रीयंत्र, आभूषण, सिक्के
  • क्यों: मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का श्रेष्ठ दिन

पुष्य नक्षत्र: सिर्फ ज्योतिष नहीं, आस्था का प्रतीक

पुष्य को "नक्षत्रों का राजा" कहा जाता है। यह ऐसा समय होता है जब चंद्रमा और बृहस्पति की शुभ दृष्टि मिलती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस काल में किया गया हर शुभ कार्य लंबे समय तक फलदायी होता है। विशेषकर सोना, बहीखाता, बीमा, और नया व्यापार पुष्य नक्षत्र में शुरू करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। Read More:- क्या सच में हम अकेले हैं: आपकी ज़िन्दगी में भी है अकेलापन का दर्द