सनातन

Curfew Wali Mata Mandir: नारियल में अर्जी लिखकर पूरी होती हैं भक्तों की मनोकामनाएं!

Curfew Wali Mata Mandir: भोपाल के पुराने शहर में स्थित Curfew Wali Mata Mandir न केवल अपने अनोखे नाम के लिए बल्कि इसके पीछे छुपी कहानी के लिए भी प्रसिद्ध है। सोमवारा चौराहे, पीरगेट क्षेत्र में स्थित यह मंदिर आज भोपाल के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर एक पहचान बन चुका है। भक्त यहां नारियल में अपनी अर्जी लिखकर माता के चरणों में चढ़ाते हैं और मान्यता है कि मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। Read More: Elvish Yadav Vrindavan Visit: एल्विश यादव पहुंचे वृंदावन, लिया प्रेमानंद महाराज जी का आशीर्वाद…

कर्फ्यू वाली माता का नाम कैसे पड़ा?

यह मंदिर लगभग चार दशक पुराना है। साल 1981 में नवरात्रि के समय जयपुर से माता की मूर्ति लाई गई थी। स्थापना को लेकर स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच विवाद हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में करीब 20 दिनों तक कर्फ्यू लगना पड़ा।

 

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आखिरकार, एक माह बाद प्रशासन ने मंदिर स्थापना की अनुमति दी और तभी से इस मंदिर को ‘कर्फ्यू वाली माता मंदिर’ के नाम से जाना जाने लगा।

मंदिर निर्माण में स्थानीय लोगों की भूमिका...

मंदिर की स्थापना और निर्माण में दो स्थानीय लोग बाबूलाल माली (सैनी) और पंडित श्रवण अवस्थी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समय के साथ मंदिर ने भव्य रूप ले लिया और अब भोपाल ही नहीं, बल्कि आसपास के शहरों से भी श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

अखंड ज्योत और पूजा समय...

मंदिर में दो अखंड ज्योतें लगातार जलती रहती हैं। इन ज्योतों में छह महीने में लगभग 45 लीटर तेल और 45 लीटर घी का उपयोग होता है। मंदिर सुबह 5 बजे खुलता है। पहली आरती सुबह 6:30 बजे, दूसरी आरती सुबह 9 बजे होती है। दोपहर 12:30 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं और शाम 4:30 बजे पुनः खोले जाते हैं। नवरात्रि में श्रद्धालु रात 12 बजे तक दर्शन करते हैं।

सुरक्षा और दान व्यवस्था...

मंदिर में सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं। 50 रुपये से अधिक का दान केवल चेक के माध्यम से स्वीकार किया जाता है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

सोने और चांदी से सजा भव्य मंदिर...

माता के मंदिर का निर्माण सोने और चांदी से किया गया है। इसमें शामिल हैं: 1. एक स्वर्ण कलश। 2. 130 किलो चांदी से बना भव्य द्वार। 3. 18 किलो चांदी की छोटी मूर्ति। 4. 21 किलो चांदी का सिंहासन। 5. मंदिर के दरवाजों और दीवारों पर आधा किलो सोने की नक्काशी।

भक्तों की अटूट श्रद्धा...

भक्त मानते हैं कि नारियल में अर्जी लिखने से माता उनकी हर मनोकामना पूरी करती हैं। नवरात्रि और अन्य त्योहारों के अवसर पर हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा के लिए आते हैं।