Ambulance negligence: डीजल खत्म होने से रास्ते में रुकी एंबुलेंस: मरीज सड़क पर तड़पता रहा, SECL अस्पताल की लापरवाही उजागर

समय पर कोई मदद नहीं मिल सकी
एंबुलेंस को दोबारा चालू किया गया
करीब एक घंटे तक एंबुलेंस सड़क पर ही खड़ी रही और इस दौरान न तो अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई सहायता मिली और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने स्थिति की गंभीरता को समझा। आखिरकार परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह डीजल का इंतजाम कर एंबुलेंस को दोबारा चालू किया गया।
गंभीर लापरवाही और प्रशासन से जांच की मांग
Ambulance negligence: इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और अस्पताल कर्मचारियों ने गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि समय पर मरीज को इलाज नहीं मिला होता, तो उसकी जान भी जा सकती थी। यह घटना न केवल SECL अस्पताल की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि ठेकेदार दित्या इंटरप्राइजेज की गैरजिम्मेदार कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है।
दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए
लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और एंबुलेंस सेवा में हो रही ऐसी लापरवाहियों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में मरीजों की जान जोखिम में न पड़े। यह मामला मानवता को झकझोरने वाला है और इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
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divya mistry
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मैं दिव्या हूं और मैं पिछले 5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं. मैंने शुरुआत एक PRODUCTION HOUSE से की और उसके बाद कई चैनल में एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग की, और पिछले 1 साल से NATION MIRROR न्यूज चैनल में एसोसिएट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हूं. मेरा मकसद हमेशा ऑडियंस तक सही और दिलचस्प जानकारी पहुंचाना है.
