Actor Terence Stamp Death: हॉलीवुड के मशहूर एक्टर और गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड विजेता टेरेंस स्टैंप का 17 अगस्त को 87 साल की उम्र में निधन हो गया। स्टैंप को सबसे ज्यादा पहचान सुपरमैन फ्रेंचाइजी में निभाए गए उनके मशहूर विलेन जनरल जॉड की भूमिका से मिली थी।
परिवार ने जारी किया बयान…
टेरेंस स्टैंप के परिवार ने एक आधिकारिक नोट जारी करके उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने उसमे लिखा कि- “टेरेंस स्टैंप ऐसे एक्टर और लेखक थे जिनका काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। उनकी कला हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेगी। इस कठिन समय में हम आपसे निजता बनाए रखने की अपील करते हैं।”
भारत आकर बने थे संन्यासी..
टेरेंस स्टैंप की निजी जिंदगी भी खूब सुर्खियों में रही। उन्होंने एक्ट्रेस जूली क्रिस्टी और सुपरमॉडल जीन श्रिम्पटन को डेट किया था। जीन से ब्रेकअप के बाद वे भारत आए और कृष्णमूर्ति आश्रम में रहने लगे। 16 नवंबर 1976 को उन्होंने ओशो के मार्गदर्शन में संन्यास ग्रहण किया।

पुरस्कार और सम्मान…
स्टैंप को 1962 की फिल्म बिली बड के लिए ऑस्कर अवॉर्ड में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नॉमिनेशन मिला था। इसी फिल्म के लिए उन्हें गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड फॉर मोस्ट प्रॉमिसिंग न्यूकमर भी मिला। इसके अलावा फिल्म कलेक्शन के लिए उन्हें कांस फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दिया गया।
शादी और पर्सनल लाइफ…
साल 2002 में 64 साल की उम्र में टेरेंस ने 29 वर्षीय एलिजाबेथ ओ’रोरकी से शादी की थी। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चला और 2008 में दोनों का तलाक हो गया।
सुपरमैन फ्रेंचाइजी से मिली पहचान..
स्टैंप ने पहली बार 1978 में रिचर्ड डोनर की फिल्म सुपरमैन में खलनायक जनरल जॉड का किरदार निभाया। इसके बाद वे सुपरमैन 2 (1980) और सुपरमैन 2: द रिचर्ड डोनर कट (2006) में भी नजर आए। यह किरदार उनकी पहचान बन गया और आज भी दर्शकों के बीच याद किया जाता है।

यादगार भूमिकाएं..
1994 की फिल्म द एडवेंचर ऑफ प्रिसिला, क्वीन ऑफ द डेजर्ट में टेरेंस ने ट्रांसजेंडर महिला बर्नाडेट का किरदार निभाकर संवेदनशील अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। वहीं 1999 की स्टीवन सोडरबर्ग की फिल्म द लाइमी में उन्होंने एक पिता की भूमिका निभाई, जो अपनी बेटी की मौत का बदला लेने के लिए संघर्ष करता है।
उनकी आखिरी फिल्म द लास्ट नाइट इन सोहो (2021) रही।
थिएटर और टीवी में भी सक्रिय..
टेरेंस स्टैंप ने सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, बल्कि थिएटर और टेलीविजन में भी अपनी छाप छोड़ी। उनकी दमदार आवाज़, स्क्रीन प्रेज़ेंस और गंभीर अभिनय ने उन्हें सिनेमा की दुनिया में अलग मुकाम दिलाया।

