ACB-EOW major action Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब और कोयला घोटाला मामले में ACB-EOW ने एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में तड़के कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिससे प्रशासनिक और कारोबारी हलकों में जबरदस्त हड़कंप मच गया है।
राजधानी में कारोबारी के घर दस्तावेज खंगाले
रायपुर के देवनगरी, देवपुरी इलाकों सहित 3-4 स्थानों पर छापामार कार्रवाई की गई आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने शराब कारोबारी अवधेश यादव के घर समेत कई जगह जरूरी दस्तावेज जब्त किए और छानबीन शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई घोटाले की कड़ियों को जोड़ने और अवैध लेन-देन के सबूत इकट्ठा करने के लिए की गई है।
बिलासपुर और दुर्ग में भी दबिश
रायपुर के साथ बिलासपुर में कोयला और शराब कारोबारियों के अलग-अलग घर और कार्यालयों पर छापेमारी की गई। दुर्ग में भी इसी तरह के बिजनेस हाउस व ट्रांसपोर्टरों की जांच चल रही है। एक ही दिन में 10 ठिकानों पर की गई कार्रवाई से यह साफ है कि जांच एजेंसियां घोटाले के तार कहां-कहां तक जुड़े हैं, उसकी जांच पड़ताल की जा रही हैं।
घोटाले की जड़ तक पहुंचने की कोशिश
शराब घोटाले में कई बड़ी गिरफ्तारी की गई है, जिसमें आबकारी विभाग से जुड़े वरिष्ठ अफसरों का नाम सामने आए है। करोड़ों रुपए के लेन-देन, नकली होलोग्राम के जरिए शराब बिक्री और कोयला घोटाले के तार उद्योग जगत से भी जुड़े हुए हैं। ईडी और ईओडब्ल्यू मिलकर इन मामलों की परतें खोलने में जुटे हैं, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे की संभावना है।
कारोबारियों में दहशत
एसीबी-ईओडब्ल्यू की छापेमारी से शराब और कोयला कारोबार जगत में दहशत का माहौल है। जिन कारोबारियों के ठिकानों पर छापे पड़े हैं, वहां अधिकारियों की अलग-अलग टीमें दस्तावेजों, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की जांच कर रही हैं, ताकि लेन-देन, संपत्ति और आपराधिक साजिश से जुड़े सबूत इकट्ठा किए जा सकें।
छत्तीसगढ़ में शराब और कोयला घोटाला केस की परतें गहराती जा रही हैं। छापेमारी ने राज्य में चर्चाओं को फिर से गरमा दिया और ईओडब्ल्यू की टीम ने संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार और अवैध लेन-देन के तमाम कड़ियों को जल्द उजागर करने का लक्ष्य है
