Monsoon Tourist Places MP: अगर आपको भी घूमने का शौक है और आप मध्यप्रदेश में रहते है तो आपके घूमने के लिए कुछ बेहतरीन प्लेसेस के बारे में बता देते हैं, जहां जाकर न सिर्फ प्राकृतिक का मजा देख सकेंगे, बल्कि अपने एतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के बारे में भी जानेंगे।
इन जगहों में मनसून के समय जंगल, नदियां, पहाड़, तालाब, झरने, सब पर प्रकृति की खुमारी छा जाती है जो यहां के आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर लुभाती है। इसलिए हम आपको बताते है मध्यप्रदेश की ऐसी पांच जगहों के बारें में, जो बना देंगी आपका मानसून सीजन को यादगार।
पचमढ़ी
भोपाल से लगभग 200 किलोमीटर की दूरी पर होशंगाबाद जिले में स्थित है। यह मध्यप्रदेश के सबसे खूबसूरत और ऊंचे प्राकृतिक स्थलों में से एक है। पचमढ़ी सबसे अधिक सैलानियों वाला टूरिस्ट हिल्स स्टेशन है यह मध्यप्रदेश की विंध्याचल व सतपुड़ा की श्रेणियों की पहाड़ियों में बसा है मानसून के सीजन में यहां के प्रकृति की एक अलग ही छटा छा जाती है। पचमढ़ी को सतपुड़ा की रानी के नाम से जाना जाता है। माना जाता है पांचों पांडवों ने अपने वनवास के दौरान यहां पर समय व्यतीत किया था।

यह क्षेत्र वनस्पतियों को और जीवों के संरक्षण के लिए यूनेस्को द्वारा बायोस्फीयर रिजर्व घोषित किया जा चुका है ।

पचमढ़ी में टॉप टूरिस्ट स्पॉट
- बी फॉल्स – सुंदर झरना और प्रकृति दृश्य।
- जटा शंकर गुफा – धार्मिक स्थल, शिव से जुड़ी गुफा।
- पांडव गुफाएं – पौराणिक इतिहास, शांत वातावरण
- धूपगढ़ – सूर्यास्त के लिए सर्वोत्तम स्थान।
- प्रियदर्शिनी प्वाइंट – सुंदर घाटी दृश्य, फोटोग्राफी हेतु।
- रेजिन टॉप – ऊँचाई से मनोरम नज़ारा मिलता है।
- गुप्त महादेव गुफा – संकरी गुफा, धार्मिक महत्व।
- चौरागढ़ – शिव मंदिर, कठिन ट्रेकिंग स्थल।
- हैंडी खोह – गहरी घाटी, हरियाली से भरपूर।
- सिल्वर फॉल्स – बारिश में सुंदर जलप्रपात दृश्य।
खजुराहो
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जो भोपाल से लगभग 380 किमी की दूरी पर स्थित है। जो अपने प्राचीन मंदिरों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। यह जगह मुख्य रूप से हिंदू और जैन मंदिरों के एक अद्भुत समूह के रूप में प्रसिद्ध है, जिनका निर्माण चंदेल वंश के राजाओं ने 950 ईस्वी से 1050 ईस्वी के बीच कराया था। इन मंदिरों की दीवारों पर की गई बारीक नक्काशी और कारीगरी भारतीय स्थापत्य कला की श्रेष्ठता को दर्शाती है।
वर्ष 1986 में यूनेस्को ने इन मंदिरों को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी, जिससे इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता और भी बढ़ गई।

विंध्य पर्वत श्रृंखला की गोद में बसा खजुराहो मानसून के समय और भी खूबसूरत हो जाता है। चारों ओर हरियाली और ताजगी छा जाती है। प्रकृति प्रेमियों के लिए, खजुराहो से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित रानेह फॉल्स एक बेहतरीन प्राकृतिक स्थल है, जहाँ मानसून में जलप्रपात की छटा देखने लायक होती है।

अमरकंटक
अमरकंटक एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल है जिसे “तीर्थराज” – “तीर्थों का राजा” के नाम से जाना जाता है। आध्यात्मिक महत्व के अलावा, यह शहर अपनी भौगोलिक और प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। यह विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमालाओं का मिलन बिंदु है, यहीं दोनों पर्वतमालाएं मिलती है। जिनमें मैकाल पर्वतमाला प्रमुख है। अमरकंटक के आसपास के जंगलों में औषधीय गुणों से भरपूर पौधों की एक समृद्ध विविधता है, जो इसे पारिस्थितिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।


ओरछा
मध्यप्रदेश में बेतवा नदी के किनारे स्थित ओरछा कभी शक्तिशाली बुंदेला राजपूतों की राजधानी था। आज यह ऐतिहासिक नगर अपनी भव्य धरोहरों, शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ के मंदिर, महल और स्मारक उस गौरवशाली अतीत की गवाही देते हैं, जिसे समय भी मिटा नहीं सका।

ओरछा के प्रमुख आकर्षक स्थल
जहां के प्रसिद्ध स्थलों में जहांगीर महल, राजा महल, राम राजा मंदिर, चतुर्भुज मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, परवीन महल, हनुमान मंदिर, और शीश महल शामिल हैं। साथ ही, कंचन घाट पर स्थित सुंदर छतरियां भी देखने लायक हैं, जो बुंदेला राजाओं की स्मृति को अमर बनाती हैं।
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