26 Naxalites Killed in Chhattisgarh’s Bastar : नारायणपुर, 20 मई 2025: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ एक भीषण मुठभेड़ के दौरान कम से कम 26 नक्सलियों की मौत हो गई। राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस मुठभेड़ में हमारे एक जवान भी घायल हुए हैं, हालांकि उनकी हालत स्थिर है। मुठभेड़ नारायणपुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर स्थित घने अभुजमद जंगलों में हुई, जहां सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के एक बड़े समूह को घेर लिया था।
26 Naxalites Killed in Chhattisgarh’s Bastar : मुठभेड़ का प्रारंभ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ बुधवार सुबह उस समय शुरू हुई जब जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के जवानों ने गुप्त सूचना के आधार पर अभुजमद के जंगलों में नक्सलियों के एक बड़े गुट की गतिविधियों का पता लगाया। इस ऑपरेशन में नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव के DRG जवानों ने मिलकर कार्रवाई की।
नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या की पुष्टि करते हुए कहा कि इस संख्या का विस्तृत विवरण बाद में साझा किया जाएगा।
राज्य गृह मंत्री का बयान
छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया, “सुरक्षा बलों ने 26 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया है। इस मुठभेड़ में हमारे एक जवान को चोटें आई हैं, लेकिन उनकी स्थिति अब स्थिर है। ऑपरेशन के दौरान हमारे एक सहयोगी की भी मौत हो गई।”
उपमुख्यमंत्री का बयान
राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साओ ने भी इस मुठभेड़ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “नारायणपुर में दो दर्जन से अधिक नक्सलियों को मारा गया है। हमारी सरकार ने राज्य गठन के बाद से बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने के लिए एक योजना शुरू की है। हम उम्मीद करते हैं कि मार्च 2026 तक बस्तर नक्सलमुक्त हो जाएगा।”
ऑपरेशन के उद्देश्य और संदर्भ
यह मुठभेड़ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को समाप्त करने के लक्ष्य के मद्देनजर हुई है। इसी साल के शुरुआत में, छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर 28,000 सुरक्षा बलों के साथ एक विशाल एंटी-नक्सल ऑपरेशन शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य नक्सलियों की शीर्ष नेतृत्व को समाप्त करना था, जो घने जंगलों में छिपे हुए थे।
#WATCH | Raipur: Chhattisgarh Deputy CM Arun Sao says, “After the formation of our government in the state, a program is running to make Bastar naxal-free. In Narayanpur, more than two dozen Naxalites have been killed in an encounter. Our security forces are working diligently so… pic.twitter.com/vpfQtK8ba0
— ANI (@ANI) May 21, 2025
दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि ऑपरेशन की शुरुआत गुप्त सूचनाओं के आधार पर हुई थी, जिसमें यह जानकारी मिली थी कि नक्सलियों के एक प्रमुख कमांडर अभुजमद क्षेत्र में सक्रिय हैं।
सुरक्षा बलों का संघर्ष
सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच यह मुठभेड़ बस्तर क्षेत्र में वर्षों से चल रहे नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संघर्ष को दर्शाती है। प्रदेश सरकार और केंद्रीय बलों का मानना है कि यदि इस तरह के ऑपरेशन जारी रहे तो बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद की पूरी तरह से समाप्ति की जा सकती है।
नक्सलवाद के खिलाफ यह लगातार बढ़ती कार्रवाई और सुरक्षा बलों का समर्पण दिखाता है कि राज्य में शांति और सुरक्षा स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मुठभेड़ की वैश्विक और राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
यह मुठभेड़ केवल राज्य या देश की सीमा में सीमित नहीं रही, बल्कि इससे यह स्पष्ट होता है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था नक्सलवाद के खिलाफ जंग में पूरी तरह से तैयार है। नक्सलियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशनों में सफलता की उम्मीद अब हर दिन बढ़ रही है। सरकार की इस प्रतिबद्धता से यह सिद्ध होता है कि बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जीवन का सामान्य होना सिर्फ एक दूर की बात नहीं रह जाएगा।
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छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों की इस बड़ी सफलता ने नक्सलियों को एक सख्त संदेश दिया है। 26 नक्सलियों का मारा जाना इस बात का संकेत है कि देश नक्सलवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है। बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए जारी इस अभियान में अभी और भी बड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन सुरक्षा बलों के प्रयास से राज्य की स्थिति बेहतर हो रही है।
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