Sonam Wangchuk investigation demand: जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक शनिवार को अपने बड़े भाई त्सेतन दोरजे और वकील मुस्तफा हाजी से मिले। विशेष अनुमति मिलने के बाद दोरजे को जेल में सोनम से मिलने की अनुमति दी गई। इस मुलाकात के दौरान सोनम ने अपने संदेश के माध्यम से एक बार फिर 4 लोगों की हत्या की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की और कहा कि जब तक यह जांच नहीं होती, वह जेल में रहने के लिए तैयार हैं।
वकील मुस्तफा हाजी ने क्या लिखा?
सोनम वांगचुक के वकील मुस्तफा हाजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा:
सोनम वांगचुक ने अपने बड़े भाई के माध्यम से संदेश भेजा है। उन्होंने 4 लोगों की हत्या की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है और कहा कि जब तक ऐसा नहीं होता, वह जेल में रहने के लिए तैयार हैं।”
इस पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि सुरक्षा कारणों से सोनम वांगचुक को उनके गृह राज्य लद्दाख से लगभग 1500 किमी दूर जोधपुर सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया गया था।
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई कल होने वाली है।

सोनम वांगचुक का संदेश
जेल से भेजे गए संदेश में सोनम ने कहा:
- “मैं न्याय की लड़ाई के लिए हमेशा तैयार हूं।”
- “चार लोगों की हत्या की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।”
- “जब तक स्वतंत्र जांच नहीं होती, मैं जेल में रहने के लिए तैयार हूं।”
इस संदेश से स्पष्ट है कि सोनम वांगचुक अपने आंदोलन के उद्देश्यों पर अडिग हैं और केवल न्याय मिलने तक अपनी जेल यात्रा जारी रखने को तैयार हैं।
Sonam Wangchuk investigation demand: सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सोनम की पत्नी गीतांजलि ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में मुख्य रूप से यह मांग की गई है कि:
- सोनम वांगचुक को सुरक्षा कारणों से दूर की जेल में रखना सही नहीं है।
- उन्हें न्यायिक प्रक्रिया में उचित सुविधा और सम्मान के साथ पेश किया जाए।
- स्वतंत्र जांच को प्राथमिकता दी जाए।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई कल होने वाली है, और इस मामले में न्यायालय का निर्णय आने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा

सोनम वांगचुक ने हमेशा से ही लद्दाख के पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने के लिए आंदोलन किया है। उनका आंदोलन हिंसा का समर्थन नहीं करता, लेकिन 24 सितंबर की घटनाओं के बाद उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया।
NSA के तहत गिरफ्तारी
Sonam Wangchuk investigation demand: सोनम वांगचुक को 26 सितंबर की रात को जोधपुर सेंट्रल जेल में लाया गया। NSA के तहत गिरफ्तारी का मतलब यह है कि उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित गंभीर आरोप हैं। इस कानून के तहत गिरफ्तारी और जेल में रखना साधारण धाराओं की तुलना में अधिक कठोर होता है।
वकील मुस्तफा हाजी ने कहा कि सोनम वांगचुक शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों और लद्दाख के लिए आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें 1500 किमी दूर जोधपुर जेल में रखा गया।
