एक की रीढ़ की हड्डी टूटी, दूसरे का जबड़ा, बेहोश हुए स्टॉफ को लातों से मारता रहा
26 जुलाई 2023 का दिन श्रीनगर एयरपोर्ट पर एक भयावह घटना का गवाह बना, जब भारतीय सेना के एक अधिकारी ने स्पाइसजेट के चार कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इस घटना ने न केवल एयरपोर्ट सुरक्षा के मसले को उजागर किया बल्कि एक आम नागरिक द्वारा किए गए हिंसक व्यवहार की भी कड़ी आलोचना की।
SHOCKING “MURDEROUS” Assault on SpiceJet Staffers at Srinagar Airport
Passenger attacks 4 SpiceJet Staffers with whatever he cud get hold off— 2 grievously injured. Jaw & Spine injured.
July 26th incident, FIR Filed
Pax – allegedly an army officer – put on NO FLY List 1/2 pic.twitter.com/g79eiuSy3P
— Amit Bhardwaj (@tweets_amit) August 3, 2025
घटना का विवरण
स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-386 श्रीनगर से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली थी। जैसे ही बोर्डिंग गेट पर यात्रियों की चेकिंग हो रही थी, एक सेना अधिकारी, जिनकी पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल रितेश कुमार सिंह के रूप में हुई है, ने एक्स्ट्रा बैगेज लेकर आकर विवाद शुरू किया। उनका बैगेज 16 किलो था, जो एयरलाइन के निर्धारित 7 किलो के सीमा से दोगुना था। जब स्पाइसजेट के कर्मचारियों ने उन्हें अतिरिक्त भुगतान करने को कहा, तो अधिकारी ने न सिर्फ मना किया बल्कि गुस्से में आकर शारीरिक हमला कर दिया।
हमला और उसके परिणाम
आरोपी ने कर्मचारियों को तब तक मारा-पीटा, जब तक वे बेहोश नहीं हो गए। एक कर्मचारी की रीढ़ की हड्डी टूट गई, दूसरे के जबड़े में गंभीर चोट आई, तीसरे के नथुने से खून बहने लगा और चौथे कर्मचारी को लातों से मारा गया जब वह बेहोश हो गया था। इस दौरान एक CISF अधिकारी ने जब आरोपी को काबू करने की कोशिश की, तो उसे भी धक्का दे दिया।
सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन
आरोपी ने न सिर्फ एक्स्ट्रा बैगेज लेकर यात्रा की, बल्कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का भी उल्लंघन करते हुए बिना बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी किए एयरोब्रिज में घुसने की कोशिश की। इस दौरान कर्मचारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई।

फ्लाइट के बाद कार्रवाई
स्पाइसजेट ने इस घटना के बाद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई और उन्हें “नो फ्लाइंग लिस्ट” में डाल दिया है, जिसका मतलब है कि आरोपी अब किसी भी विमान सेवा से यात्रा नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा, एयरलाइन ने इस घटना की जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजी और जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपे।
सेना का बयान
भारतीय सेना ने इस घटना को गंभीरता से लिया और बयान जारी किया कि वे इस मामले की पूरी जांच में सहयोग करेंगे। सेना ने अपने उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताते हुए इस तरह की घटनाओं को कड़ी निंदा की।
अब तक की स्थिति
हालांकि आरोपी अधिकारी के खिलाफ जांच जारी है, अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह मामला सुरक्षा, अनुशासन और नागरिक अधिकारों के उल्लंघन का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है। दौरान सुरक्षा का एहसास हो।
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