पाकिस्तान ने पहली बार ये पद बनाया गया, मई में फील्ड मार्शल बने थे

pakistan constitution change asim munir cdf: पाकिस्तान की राजनीति और सेना के बीच शक्ति-संतुलन के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। शनिवार को पाकिस्तानी संसद ने संविधान में संशोधन कर आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को तीनों सेनाओं का प्रमुख बनाने का रास्ता साफ कर दिया। अब उन्हें देश का पहला “चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF)” नियुक्त किया जाएगा यह वही पद है जो भारत में “चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS)” के समान है। संविधान के अनुच्छेद 243 में बदलाव के जरिए यह संशोधन किया गया, जिसे 27वां संविधान संशोधन विधेयक कहा जा रहा है।
नया पद: चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज
पाकिस्तान सरकार के मुताबिक, CDF का पद तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने और एकीकृत सैन्य नेतृत्व तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
अब सेना (Army), नौसेना (Navy) और वायुसेना (Air Force) तीनों की कमान एक व्यक्ति के अधीन होगी। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर CDF और आर्मी चीफ दोनों की नियुक्ति करेंगे। इस तरह थलसेना प्रमुख को ही अब रक्षा बलों का सर्वोच्च अधिकारी भी बना दिया गया है। संशोधन में यह भी तय किया गया है कि मौजूदा चेयरमैन, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी का पद 27 नवंबर 2025 के बाद समाप्त कर दिया जाएगा। इसके स्थान पर नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड बनाई जाएगी, जिसकी अगुवाई भी चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज करेंगे।
आसिम मुनीर: छह महीने में दो बड़े प्रमोशन
जनरल आसिम मुनीर को पिछले छह महीनों में पाकिस्तान की सेना में दो अहम प्रमोशन मिले हैं। पहले, इस साल मई में उन्हें फील्ड मार्शल का दर्जा दिया गया यह पाकिस्तान की सर्वोच्च सैन्य रैंक (फाइव-स्टार रैंक) है। मुनीर से पहले केवल जनरल अयूब खान (1959) ने खुद को फील्ड मार्शल घोषित किया था।
अब, संविधान संशोधन के बाद, मुनीर देश के पहले CDF बनेंगे। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कदम का फैसला मई में भारत-पाक सीमा पर हुई चार दिन की झड़प के बाद लिया गया। सरकार और सेना ने महसूस किया कि किसी भी संभावित संघर्ष में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया जरूरी है।
संविधान में हुए प्रमुख बदलाव
27वें संशोधन में पांच बड़े बदलाव किए गए हैं
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राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर अब आर्मी चीफ और CDF, दोनों की नियुक्ति करेंगे।
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थलसेना प्रमुख (Army Chief) को स्वतः CDF का पद भी मिलेगा।
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नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड बनाई जाएगी, जिसका नेतृत्व CDF करेंगे।
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सरकार अब फील्ड मार्शल, एयर फोर्स मार्शल और एडमिरल ऑफ द फ्लीट जैसे विशेष रैंक प्रदान कर सकेगी।
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इनमें से फील्ड मार्शल की रैंक आजीवन रहेगी।
पाकिस्तान की संघीय कैबिनेट और नेशनल असेंबली दोनों ने यह संशोधन लगभग सर्वसम्मति से पारित किया। विपक्षी दलों ने हालांकि इसे “सिविल-सैन्य शक्ति संतुलन पर असर डालने वाला कदम” बताया है।
भारत के CDS मॉडल से प्रेरणा
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह फैसला भारत के CDS मॉडल से प्रभावित है। भारत ने 2020 में जनरल बिपिन रावत को देश का पहला CDS नियुक्त किया था, ताकि तीनों सेनाओं का संचालन एकीकृत रूप से किया जा सके। इस पद के जरिए रणनीतिक निर्णयों में तेजी और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की गई थी। पाकिस्तान अब उसी तरह का ढांचा अपनाने जा रहा है, हालांकि वहां सैन्य नेतृत्व का राजनीतिक प्रभाव पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है।
राजनीतिक और रणनीतिक विश्लेषण
इस बदलाव को लेकर इस्लामाबाद और लंदन के विश्लेषकों के बीच विभाजित राय है। राजनीतिक विश्लेषक डॉ. मेहर तरार के मुताबिक, “आसिम मुनीर की ताकत अब सिर्फ सेना तक सीमित नहीं रहेगी। उनके पास तीनों सेनाओं की कमान होने से वे पाकिस्तान की रक्षा नीति के निर्णायक केंद्र बन जाएंगे।” वहीं, पूर्व राजनयिक हुसैन हक्कानी ने ट्वीट किया कि “यह कदम पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था को और केंद्रीकृत करेगा। सिविलियन सरकार की भूमिका और सीमित हो सकती है।”
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