Zohran Mamdani Sworn Oath: नए साल की शुरुआत न्यूयॉर्क के लिए सिर्फ तारीख बदलने तक सीमित नहीं रही 1 जनवरी की आधी रात, जब शहर सो रहा था उसी वक्त इतिहास लिखा गया. ज़ोहरान ममदानी ने कुरान पर हाथ रखकर न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद की शपथ ली और शहर को उसका पहला मुस्लिम मेयर मिला ।
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शपथ का मंच भी उतना ही प्रतीकात्मक
शपथ ग्रहण समारोह मैनहट्टन के उस पुराने सिटी हॉल मेट्रो स्टेशन में हुआ, जो वर्षों से आम जनता के लिए बंद है. ऊँची मेहराबें ऐतिहासिक दीवारें और आधी रात का सन्नाटा हर चीज़ इस पल की गंभीरता को और गहरा कर रही थी। शपथ लेते वक्त ममदानी ने कहा
यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और सौभाग्य है।
कुरान पर शपथ: सिर्फ परंपरा नहीं, साफ संदेश
अमेरिकी संविधान किसी धार्मिक ग्रंथ पर शपथ लेने की बाध्यता नहीं देता इसके बावजूद ममदानी ने जानबूझकर कुरान चुना और वह भी दो प्रतियों के साथ एक उनके दादाजी की कुरान, दूसरी एक सदियों पुरानी छोटी कुरान, जो न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी के शॉम्बर्ग सेंटर के संग्रह का हिस्सा है यह चयन सीधे-सीधे उस मुस्लिम समुदाय की मौजूदगी को दर्शाता है, जो दशकों से न्यूयॉर्क की सामाजिक और सांस्कृतिक रीढ़ रहा है।
कई ‘पहली बार’ एक ही शपथ में
34 वर्षीय भारतीय मूल के डेमोक्रेट नेता ज़ोहरान ममदानी
- न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर बने
- पहले दक्षिण एशियाई मूल के व्यक्ति बने
- और पहले अफ्रीकी मूल के नेता बने, जिन्होंने यह पद संभाला उनकी शपथ न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने दिलाई जो उनके राजनीतिक सफर में अहम भूमिका निभाती रही हैं ।
दिन में शक्ति प्रदर्शन
आधी रात के सीमित समारोह के बाद, दोपहर 1 बजे सिटी हॉल में भव्य सार्वजनिक शपथ ग्रहण हुआ। इसमें ममदानी के राजनीतिक आदर्श माने जाने वाले सीनेटर बर्नी सैंडर्स भी शामिल हुए ।
