Yuvraj Retirement Reason Exposed: पूर्व दिग्गज भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने सालो बाद संयास लेने की असली वजह बताई है। उन्होंने एक पॉडकास्ट के दौरान कहा कि- ‘उस समय उन्हें न खेल में खुशी मिल रही थी, न ही टीम मैनेजमेंट और माहौल से वह सम्मान, जिसके वे हकदार थे।’
Yuvraj Retirement Reason Exposed: बताई संयास लेने की वजह
एक पॉडकॉस्ट के दौरान युवराज ने संयास लेने की वजह बताई और कहा कि- ‘मैं अपने खेल का आनंद नहीं ले पा रहा था। जब मजा ही नहीं आ रहा था, तो खुद से सवाल करने लगा कि आखिर क्रिकेट क्यों खेल रहा हूं। सपोर्ट और सम्मान की कमी महसूस हो रही थी।’
रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिकेटर का मानना है कि- ‘जब आप मानसिक रूप से खेल का लुत्फ उठाना बंद कर देते हैं, तो मैदान पर प्रदर्शन करना और भी कठिन हो जाता है।’

Yuvraj Retirement Reason Exposed: वर्ल्ड कप 2019 में नहीं मिली थी जगह
साल 2019 में खेले गए वर्ल्ड कप टीम में उन्हें जगह नहीं मिली। क्रिकेटर को उनके परफॉर्मेंस के आधार पर उम्मीद थी कि – उनका टीम में सलेक्शन किया जाएगा। लेकिन जब उनका सलेक्शन 2019 के वर्ल्ड कप के लिए नहीं हुआ तो उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग दोनों से संयास लेने की घोषणा कर दी थी।
बता दें कि, IPL से संयास लेने के पहले वो आखिरी बार मुंबई इंडियंस का हिस्सा थे। हालांकि आखिरी सीजन में उन्हें खेलने का ज्यादा मौका नही मिला था।

‘संयास लेने के बाद मिली मानसिक शांति…’- युवराज
युवराज ने कहा की वो तब भले ही खुश न रहें हो लेकिन वो आज संयास लेने के फैसले से काफी खुश है। उन्हें संयास लेने के बाद मानसिक शांति मिली। उन्होंने कहा – ‘क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया है, लेकिन सही समय पर रुकना भी जरुरी होता है।’
उन्होंने कहा कि- ‘मैं मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुका था। यह सोचकर परेशान था कि मैं क्या साबित करने के लिए खेल रहा हूं। जिस दिन मैंने क्रिकेट छोड़ा, उसी दिन मुझे लगा कि मैं फिर से खुद को पा लिया है।’
Also Read-NZ vs IND T20 Match 2026: न्यूजीलैंड ने भारत को 50 रन से हराकर सीरीज में 1-3 से की वापसी!
युवराज ने शेयर किया एक किस्सा
क्रिकेटर ने शुरुआती दिनों को याद करते हुए अपने जीवन का एक किस्सा सुनाया उन्होंने बताया कि – ‘जब मैं 13-14 साल का था, तब एक सीनियर खिलाड़ी (जो उस समय टीम इंडिया के लिए खेल रहे थे) ने मेरे पिता से शायद औपचारिकता में कुछ कह दिया था। उन्हें लगा होगा कि मुझमें उतनी प्रतिभा नहीं है। मैंने इसे व्यक्तिगत रूप से नहीं लिया, लेकिन मेरे पिता को यह बात बहुत बुरी लगी थी।’
