योगिता मंडावी: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले की बेटी योगिता मंडावी ने अपनी मेहनत और जज्बे से इतिहास रच दिया है. योगिता को जूडो के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति के हाथों प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. कुमारी योगिता मंडावी छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालिका गृह कोंडागांव की बालिका है. सीएम विष्णु देव साय ने योगिता मंडावी की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है
योगिता मंडावी: सीएम साय ने उज्जवल भविष्य की कामना की
सीएम साय ने कहा कि प्रतिभाशाली बच्चों की सफलता से नई पीढ़ी को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा मिलती है. योगिता की उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है, बल्कि बालिका गृह एवं बाल कल्याण संस्थाओं में रह रहे बच्चों के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत भी है. उन्होंने यह साबित किया है कि संसाधनों की सीमाएँ नहीं, बल्कि सपनों के प्रति लगन और परिश्रम ही सफलता का वास्तविक आधार है.
योगिता मंडावी: उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए हुआ चयन
इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, योगिता ने अपनी मेहनत और लगन से मात्र 13 वर्ष की आयु में राज्य की एक बेहतरीन खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाई। 14 वर्ष की उम्र से उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना शुरू कर दिया था।जूडो में उनके लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए चुना गया।
प्रदेश और देश का बढ़ाया मान
कोंडागांव बालिका गृह की अधीक्षिका मणि शर्मा ने इस उपलब्धि पर कहा कि दिल्ली में राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलना एक महत्वपूर्ण क्षण था। उन्होंने बताया कि वह भी इस दौरान योगिता के साथ मौजूद थीं।जिला कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने योगिता मंडावी की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में इतनी कम उम्र में यह बड़ा सम्मान हासिल करना उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि योगिता ने जिले, प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है।
