Yoga Guru Shivanand Baba Death: वाराणसी के प्रसिद्ध योग गुरु पद्मश्री से सम्मानित स्वामी शिवानंद बाबा का निधन हो गया। 128 साल के बाबा शिवानंद का स्वास्थ्य बीते कुछ दिनों से खराब चल रहा था, जिस वजह से BHU हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। रविवार को भक्तों और श्रद्धालुओं के आने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। साल 2022 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
पद्मश्री से सम्मानित होने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति
बाबा शिवानंद पद्मश्री पुरस्कार पाने वाले देश की सबसे उम्रदराज शख्सियत है। स्वामी शिवानंद वाराणसी में दुर्गाकुंड के कबीरनगर के आश्रम में रहते थे। उनके साथ उनके कुछ शिष्य भी रहा करते थे। इस उम्र में भी वह निरंतर योगाभ्यास किया करते थे। वह सुबह उठने के बाद योग प्राणायाम के साथ ही औषधियों का सेवन किया करते थे, और हर दिन गीता पाठ और मां चंडी की स्तुति करते थे।

Yoga Guru Shivanand Baba Death: काशी में ही रहे बाबा
शिवानंद बाबा का जन्म 8 अगस्त 1896 को हुआ। वह बताते थे कि कभी-कभी भिक्षा न मिलने पर उनका पूरा परिवार भूखा ही सो जाता था, भूख की वजह से उनके माता-पिता की मौत भी हो गई थी, जिसके बाद से बाबा आधा पेट ही भोजन करते थे। उनके माता-पिता ने 4 साल की उम्र में ही शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए अपने बेटे को नवदीप निवासी एक वैष्णव संत को सौंप दिया था। 2 साल वृंदावन में रहने के बाद 1979 में वे काशी में अधिवास करने लगे। फिर अंतिम सांस तक गंगा किनारे काशी में ही वास रहे।
2017 में पहली बार दिया था वोट
बल्कि दुनियाभर में अपने योग की वजह से पहचाने जाने वाले स्वामी शिवानंद के निधन की खबर से हर तरफ शोक की लहर है। आज हरिश्चंद्र घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बाबा ने जीवन में पहली बार साल 2017 में UP विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा पाकर मतदान किया था।
