Yo-Yo Effect: वजन घटाने के प्रयासों में सफलता पाने के बाद उसे बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। कई लोग वजन घटाने के बाद उसे फिर से बढ़ते हुए पाते हैं, और यह चक्रीय प्रक्रिया “Yo-Yo Effect” या “Weight Cycling” के रूप में जानी जाती है। इस लेख में, हम Yo-Yo Effect के कारणों, इसके स्वास्थ्य पर प्रभाव और इससे बचने के उपायों पर चर्चा करेंगे।
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क्या है Yo-Yo Effect?
Yo-Yo Effect वह स्थिति है जब कोई व्यक्ति बार-बार वजन घटाता है और फिर बढ़ाता है। यह प्रक्रिया अक्सर कठोर डाइटिंग, अत्यधिक कैलोरी प्रतिबंध या अस्वास्थ्यकर आहार आदतों के कारण होती है। जब व्यक्ति डाइटिंग छोड़ता है या अस्वस्थ आहार पर लौटता है, तो शरीर तेजी से वजन बढ़ाता है, जिससे चक्रीय वजन परिवर्तन होता है।

Yo-Yo Effect के कारण…
कैलोरी प्रतिबंध और मेटाबोलिज्म में बदलाव…
अत्यधिक कैलोरी प्रतिबंध से शरीर का मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे वजन घटाना कठिन हो जाता है और वजन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
मांसपेशियों का नुकसान…
तेज वजन घटाने से मांसपेशियों का नुकसान होता है, जिससे शरीर की कैलोरी जलाने की क्षमता कम हो जाती है।
हार्मोनल असंतुलन…
डाइटिंग से भूख हार्मोन “घ्रेलिन” की वृद्धि होती है और संतृप्ति हार्मोन “लेप्टिन” की कमी होती है, जिससे भूख बढ़ती है और वजन बढ़ने की संभावना बढ़ती है।
मनोवैज्ञानिक प्रभाव…
बार-बार वजन घटाने और बढ़ाने से मानसिक तनाव, आत्म-सम्मान में कमी और अवसाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव…
Yo-Yo Effect से हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य मेटाबोलिक विकारों का खतरा बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव…
1. वजन घटाने और बढ़ाने के चक्र से शरीर की मेटाबोलिक प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे इंसुलिन प्रतिरोध और अन्य मेटाबोलिक विकार उत्पन्न हो सकते हैं।
2. हृदय स्वास्थ्य: वजन चक्रीयता से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
3. मांसपेशियों का नुकसान और हड्डियों में कमजोरी आती है, जिससे शारीरिक कमजोरी और चोटों का खतरा बढ़ता है।
4. बार-बार वजन घटाने और बढ़ाने से मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे अवसाद और चिंता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
Yo-Yo Effect से बचने के उपाय…
1. सतत और संतुलित आहार – अत्यधिक कैलोरी प्रतिबंध से बचें और संतुलित आहार लें, जिसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व शामिल हों।
2. नियमित शारीरिक गतिविधि – नियमित व्यायाम, विशेषकर कार्डियो और शक्ति प्रशिक्षण, से मांसपेशियों को बनाए रखें और मेटाबोलिज़्म को सक्रिय रखें।
3. वास्तविक लक्ष्य निर्धारित करें – वजन घटाने के लिए यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें धीरे-धीरे प्राप्त करने का प्रयास करें।
4. मनोवैज्ञानिक समर्थन – मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें और आवश्यकता पड़ने पर पेशेवर सहायता प्राप्त करें।
5. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं – पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन और सामाजिक समर्थन से जीवनशैली में सुधार करें।
Note – उपरोक्त जानकारी विभिन्न स्त्रोतो से ली गई है, कृपया अप्लाई करने से पहले लें किसी एक्सपर्ट की सलाह।
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