
x minors access porn content issues : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर नाबालिगों के लिए पोर्नोग्राफिक कंटेंट की खुली पहुँच एक चिंताजनक विषय बन चुका है। एक हालिया Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के अनुसार, 13 वर्षीय बच्चे तक आसानी से पोर्न देख सकते हैं, क्योंकि मंच पर कोई मजबूत age verification सिस्टम नहीं है। यह भारत की सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और बाल सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं है। मंगलवार को प्रकाशित खबर बताती है कि जुलाई 2025 तक इस मुद्दे पर कोई प्रभावी जवाब नहीं मिला ।
रिपोर्ट की प्रमुख खोज
- खाता सहजता से बनाना X पर 13 साल या उससे कम उम्र के उपयोगकर्ता भी अपना खाता बना सकते हैं, बिना कोई प्रमाणिकरण।
- देश की नीतियों के विपरीत भारतीय कानून में 18 वर्ष से नीचे उपयोगकर्ता को पोर्न सामग्री तक पहुंचना प्रतिबंधित है, लेकिन X इस नियम का उल्लंघन करता दिख रहा है।
- OTT बैन की तुलना जबकि सरकार ने भारत में कई OTT प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री के लिए प्रतिबंध लगाया, X पर इस तरह की कार्रवाई नहीं की गई ([turn0search1]।
अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनी परिवेश
यूनाइटेड किंगडम ने अपनी Online Safety Act के अंतर्गत, TikTok, Reddit, X जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए कठोर age verification तकनीकों लागू की है, जैसे फेस स्कैन, ID अपलोड, बैंक मेल आदि। उल्लंघन पर कंपनियों को 10% वैश्विक वार्षिक राजस्व या £18 मिलियन तक जुर्माना हो सकता है ।
संयुक्त राज्य अमेरिका में Supreme Court ने टेक्सास की कानून को मान्यता दी, जिसमें वेबसाइट्स को 18 से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं की पहुँच से रोकने की आवश्यकता अगाध है। हालांकि आलोचक कहते हैं कि VPN जैसी टेक्नोलॉजी इसे बायपास कर सकती है। यूरोपीय संघ ने Pornhub, XNXX, XVideos सहित चार प्रमुख voksen साइट्स के ऊपर Digital Services Act के तहत जांच शुरू की है। आरोप है कि वे age gating में विफल रहे ।
भारत की कानूनी चुनौतियां
भारत में Information Technology Act, 2000 की Sections 67/67A/67B, और POCSO Act जैसे कानून मौजूद हैं, जो नाबालिगों के पोर्नोग्राफी संरक्षण का प्रावधान करते हैं। लेकिन रिपोर्ट संकेत करती है कि infrastructure में कमी और तकनीकी कार्यान्वयन की धीमी प्रक्रिया इसे प्रभावशाली नहीं बना रही। MeitY ने X, YouTube, Telegram को CSAM हटाने के लिए चेतावनी दी है, लेकिन पोर्न कंटेंट तक नाबालिग की पहुंच रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है ।
नाबालिग उपयोगकर्ताओं को खतरा
अनुसंधानों ने दिखाया है कि कम उम्र की प्रोफ़ाइल्स (जैसे 13 वर्ष) को YouTube जैसे प्लेटफार्म पर गंभीर हानिकारक वीडियो अधिक जल्दी देखने को मिले 15% तुलना में 8% ऊपर उम्र वालों में। इसलिए कमजोर moderation और age verification की अनुपस्थिति बच्चों को ऐसी सामग्री तक पहुंचने देती है जिसे वे समझ नहीं सकते।
X की पालिसी और सुरक्षा उपाय
X ने कथित तौर पर कहा है कि जो उपयोगकर्ता अपनी उम्र नहीं बताते, वे ऑटोमेटिक रूप से एडल्ट कंटेंट को नहीं देख सकते। इसके लिए कंटेंट को वॉर्निंग टैग से छुपाया जाएगा साथ ही X ने टेक्सास में एक मॉडरेशन कार्यालय खोला है जहाँ 100 मॉडरेटर CSAM सामग्री हटाने में लगे हैं ।

लेकिन इन प्रयासों में गंभीर दोष हैं यह सिस्टम केवल self declaration पर आधारित है और आसानी से bypass हो सकता है। नतीजतन, भारत समेत कई देश इस सिस्टम को पर्याप्त नहीं मान रहे।
