Ways to Control Anger Spiritually: गुस्सा एक सामान्य मानवीय भावना है, लेकिन जब यह नियंत्रण से बाहर हो जाए, तो यह न केवल हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि हमारे सामाजिक संबंधों को भी नुकसान पहुंचाता है। प्राचीन भारतीय धार्मिक मान्यताओं में गुस्से पर काबू पाने के लिए विशेष भगवानों की पूजा और साधना की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं कि जिन लोगों को गुस्सा जल्दी आता है, वे किस भगवान की पूजा करें और इसे कैसे करें ताकि उनका क्रोध शांत हो और वे मानसिक शांति पा सकें।
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गुस्सा आने की वजह…
ज्योतिषाचार्य पूनम चौधरी के अनुसार, क्रोध और चिड़चिड़ेपन का सीधा संबंध सूर्य, चंद्रमा और मंगल ग्रह की स्थिति से होता है। यदि यह ग्रह एक-दूसरे से प्रभावित अवस्था में हों या किसी प्रकार की युति में हों, तो जातक स्वभाव से अत्यधिक गुस्सैल हो सकता है।
गुस्से के लिए जिम्मेदार मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण…
गुस्सा अक्सर हमारे अंदर की असंतुष्टि, निराशा, और तनाव का परिणाम होता है। धार्मिक दृष्टिकोण से, यह भी माना जाता है कि कभी-कभी नकारात्मक ऊर्जा, पाप, या दोषमुक्त कर्मों के कारण भी क्रोध की भावना बढ़ती है। भारतीय धर्मशास्त्रों में गुस्सा ‘राग-द्वेष’ के अंतर्गत आता है, जिसे नियंत्रित करना आध्यात्मिक प्रगति के लिए आवश्यक माना गया है।
गुस्से को शांत करने के करें इन भगवान की पूजा
भगवान हनुमान..
धार्मिक मान्याताओं के अनुसार, हनुमान जी को क्रोध और गुस्सा को नियंत्रित करने वाले देवता के रूप में जाना जाता है। वे शक्ति, साहस, और धैर्य के प्रतीक हैं। कहा जाता है कि हनुमान जी की पूजा करने से मन की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और क्रोध पर नियंत्रण पाया जाता है।

पूजा विधि –
1. मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।
2. लाल रंग का वस्त्र पहनकर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने केसर और सिंदूर चढ़ाएं।
3. बजरंग बाण का जाप करें और हनुमान जी के मंदिर जाकर सेवा करें।
भगवान शिव
भगवान शिव भी गुस्से को शांत करने वाले देवता हैं। उनकी त्रिपुंड चिह्नित ललाट और शांत मुद्रा गुस्से को नियंत्रण में रखने का संदेश देती है। शिवरात्रि पर उनकी पूजा से क्रोध और वासना को काबू में किया जा सकता है।

पूजा विधि –
1. सोमवार को शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, और चंदन चढ़ाएं।
2. ‘महा मृत्युंजय मंत्र’ का जाप करें।
3. शिव के 108 नामों का पाठ करें।
गणेशजी
गणेशजी को विघ्नहर और शुभकार्य के देवता माना जाता है। कहा जाता है कि उनकी पूजा करने से मन शांत होता है और क्रोध की भावना कम होती है।

पूजा विधि –
1. बुधवार को गणेश चतुर्थी के दिन गणेशजी की पूजा करें।
2. हल्दी, गुड़, और फूल चढ़ाएं।
3. गणेश मंत्र “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करें।
गुस्सा कम करने के लिए अन्य धार्मिक उपाय और मंत्र
1. गायत्री मंत्र का जाप: यह मंत्र मानसिक शांति और ऊर्जा को बढ़ावा देता है।
2. नीम के पेड़ के नीचे ध्यान: नीम की पत्तियां क्रोध को कम करने में सहायक मानी जाती हैं।
3. प्राणायाम और योग: प्राणायाम करने से मन शांत होता है और गुस्सा नियंत्रित रहता है।
4. हनुमान चालीसा का नियमित पाठ: यह भक्तों को मानसिक शक्ति और संयम प्रदान करता है।
5. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, चंदन का प्रयोग मन को ठंडक प्रदान करता है और राहु के अशुभ प्रभाव को कम करता है। प्रतिदिन माथे पर चंदन का तिलक लगाएं।
6. चंद्रमा हमारे मन और भावनाओं का कारक ग्रह है। रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य देना मन को शीतलता देता है।
7. चांदी की अंगूठी या लॉकेट में असली मोती धारण करना लाभकारी होता है।
8. पूर्व दिशा को सकारात्मक ऊर्जा और सूर्योदय की दिशा माना जाता है। यहाँ दीपक जलाने से घर में और मन में सकारात्मकता बनी रहती है।
9. सूर्यदेव आत्मविश्वास, ऊर्जा और आत्मसंयम के प्रतीक हैं। उन्हें जल चढ़ाना मानसिक संतुलन के लिए श्रेष्ठ उपाय है।
10. सुबह उठते ही धरती माता को प्रणाम करना न केवल आध्यात्मिक अभ्यास है बल्कि यह दिनभर के लिए स्थिरता और शांति का संकेत भी है।
धार्मिक कहानियां जो गुस्से को नियंत्रित करने की देती हैं सीख…
हनुमान जी की कथा में बताया गया है कि उन्होंने हमेशा अपने क्रोध को उचित दिशा में लगाकर ही काम किया। उनके गुस्से से न्याय और धर्म की रक्षा हुई। इसी तरह भगवान शिव भी अपने क्रोध को नियंत्रित रखकर सृष्टि के संतुलन को बनाए रखते हैं। इन कहानियों से यह सीख मिलती है कि गुस्सा स्वाभाविक है लेकिन उसे नियंत्रित करना आवश्यक है।
