World Largest Shivlinga Bihar: बिहार के मोतिहारी जिले के कैथवलिया में स्थित विराट रामायण मंदिर में आज दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना कर दी गई। सहस्रलिंगम शिवलिंग को वाराणसी और अयोध्या से आए पंडितों ने मंत्रोच्चार करते हुए पूजा- पाठ की।। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारे लगाएं गएं।
बताया जा रहा है कि, पूजा सुबह 8 से 11 बजे तक जारी रही। इसके बाद भगवान का अभिषेक हुआ। हवन किया गया।

अभिषेक लिए इन जगहों से आया जल
भव्य शिवलिंग के अभिषेक के लिए कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, प्रयागराज, गंगा सागर, यमुनोत्री, हरिद्वार, सोनपुर, रामेश्वरम से गंगा जल मंगाया गया। इतना ही नहीं सिंधु, नर्मदा, नारायणी, कावेरी और गंडक नदियों से भी जल लाया गया और उससे शिवलिंग का पूरे विधि – विधान के साथ अभिषेक किया गया।

इस आयजोन में दूर – दूर आए साधु – संत हुए शामिल
शिवलिंग की स्थापना में पूरे देशभर से साधु – संत आएं और इस भव्य आयोजन का हिस्सा बने। वहीं यहां पूजा के लिए महावीर मंदिर से करीब 7 पंडित मोतिहारी में स्थित मंदिर पहुंचे। इतना ही नहीं यहां अयोध्या राम मंदिर, हरिद्वार, काशी विश्वनाथ मंदिर, गुजरात, महाराष्ट्र से भी पंडित आए और पूजा में शामिल हुएं।

इस आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी व विजय सिन्हा भी शामिल रहें।

बता दें कि, जब सहस्त्रलिंगम की स्थापना के दौरान भव्य यज्ञ का आयोजन किया गया और इसके लिए चारों वेदों के विद्वानों को आमंत्रित किया गया। वहां 4 LED स्क्रीन लगाई गई, जिससे लोगों ने लाइव भगवान को स्थापित होते देख सके।
कंबोडिया और कोलकाता से मंगाए गए फूल
पूजा के लिए कोलकाता और कंबोडिया से ट्रक भरकर फूल मंगाएं गए और इसमें गुलाब, गेंदा, गुलदाउदी के फूल भी शामिल किए गए। शिवलिंग में चढ़ाने के लिए 18 फीट की माला बनवाई गई। इसमें भांग, धतूरा, बेलपत्र का उपयोग किया गया।
शिवलिंग का भव्य स्वरुप
इस शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम हुआ है, इस शिवलिंग को एक ही ग्रेनाइट के पत्थर से बनाया गया है, जिसकी ऊंचाई 33 फीट और वजन 210 टन है। इसे बनाने में लगभग 3 करोड़ रुपये का खर्च आया है।
इस शिवलिंग का निर्माण महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में पिछले 10 साल से किया जा रहा है। इस शिवलिंग को शिल्पकार लोकनाथ और उनकी टीम ने बनाया है।
