World Economic Forum 2026: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 झारखंड के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है. जहा झारखंड की इस भागीदारी को विश्व स्तर पर तब और बड़ी पहचान मिली.जब मंच की ओर से सीएम हेमन्त सोरेन सर्वोच्च सम्मान ‘व्हाइट बैज’ से नवाजा गया.
और कल्पना मुर्मु सोरेन ‘डब्ल्यूइएफ बैज’ से सम्मानित हुईं है.

World Economic Forum 2026: दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम
बता दें की वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 झारखंड के लिए गौरवशाली रहा. ऐसा पहली बार हुआ है कि भारत के किसी राज्य के चुने हुए 2 आदिवासी जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना मुर्मु सोरेन ने आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भाग लिया.
यही नहीं ऐसा पहली बार हुआ है की जब मंच की ओर से सीएम हेमंत सोरेन को सर्वोच्च सम्मान ‘व्हाइट बैज’ से किया गया. और कल्पना मुर्मु सोरेन को ‘डब्ल्यूइएफ बैज’ से सम्मानित किया गया.
दोनों एक साथ इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं..
आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय
World Economic Forum 2026:बता दें की यह उपलब्धि केवल झारखण्ड के लिए ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय है. यह सम्मान आदिवासी पहचान, नेतृत्व और आवाज़ को विश्व स्तर पर मजबूती प्रदान करता है और यह दर्शाता है कि झारखण्ड ना सिर्फ संसाधनों से परिपूर्ण नहीं बल्कि दुनिया के समक्ष अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है.
प्रभावशाली उपस्थिति को मान्यता
जानकारी के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कल्पना मुर्मु सोरेन की प्रभावशाली उपस्थिति को मान्यता देते हुए यह सर्वोच्च सम्मान दिया गया है.
और इस सम्मेलन में झारखंड की और से राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत अन्य वरीय अधिकारी भी दावोस दौरे पर है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिले इस गौरव ने ‘जोहार’ की संस्कृति और झारखंडी अस्मिता को नई ऊंचाई दी है.
