World Boxing Cup 2025: भारतीय विमेंस मुक्केबाज निकहत जरीन ने एक बार फिर इंटरनेशनल रिंग में शानदार वापसी की। वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स में 51 किलोग्राम कैटेगरी में निकहत ने सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने उज्बेकिस्तान की गनीवा ग्लूसेवर को हराकर न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई, बल्कि 21 महीने बाद अपना पहला इंटरनेशनल मेडल भी लगभग पक्का कर लिया।
लंबे अतंराल के बाद निकहत को मिली जीत
साल 2024 में हुए स्ट्रैंड्जा मेंमोरियल टूर्नामेंट में निकहत सिल्वर मेडल जीतने के बाद इंटरनेशनल कंपटीशन में मेडल नही जीत पाई थी, उन्हें 2024 पेरिस ओलिंपिक में शुरुआती राउंड में ही बाहर होना पड़ा थी उसके बाद उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर कम ही टूर्नामेंट का हिस्सा रही। इसकी वजह से उनके कंधे में काफी दर्द था, जिसकी वजह से वो 1 साल तक रिंग से दूर रहीं।
फाइनल में जगह बनाने के बाद निकहत ने जाहिर की खुशी
सेमीफाइनल जीत के बाद निकहत ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा-
“मुझे खुशी है कि पेरिस ओलिंपिक के बाद मेरे पदकों का खाता खुला है. यहां से आगे ही जाना है. मैं यहीं पर विश्व चैंपियन बनी थी और आज मैंने सेमीफाइनल जीता है और अब मैं चीनी ताइपे के खिलाफ फाइनल का इंतजार कर रही हूं।”

अन्य भारतीय मुक्केबाज़ों का शानदार प्रदर्शन
वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स भारत के लिए इस बार बेहद सफल रहे हैं। निकहत जरीन के अलावा भारत के कई मुक्केबाजों ने फाइनल में पहुंचकर देश की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
फाइनल में पहुंचने वाले भारतीय बॉक्सर
निकहत का साम चीन की खिलाड़ी गुओ यि शुआन से होगा इसके आलावा
जैसमीन लंबोरिया (57 किग्रा),जादुमणि सिंह (50 किग्रा), पवन बर्तवाल (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), हितेश गुलिया (70 किग्रा) समेत कुल 15 भारतीय मुक्केबाज गुरुवार को गोल्ड मेडल के लिए रिंग में उतरेंगे, जो भारत के लिए एक बड़ी सफलता की संभावना को दर्शाता है।
ये प्लेयर्स हुए टूर्नामेंट से बाहर
57 किलो की जैसमीन लंबोरिया ने पूर्व एशियाई युवा चैम्पियन कजाखस्तान की उलजहां सारसेंबेक को 5-0 से हराया था, इसके पहले मैंस 50 किलो सेमीफाइनल में जादुमणि ने ऑस्ट्रेलिया के उमर इजाज को हराया था।
वहीं कुछ खिलाड़ियों को जीत मिली तो कुछ टूर्नामेंट से बाहर हो गए, जैसे –
नीरज फोगाट (65 किग्रा), जुगनू (85 किग्रा) , सुमित कुंडू (75 किग्रा)।
