World Blood Donor Day: भारत में हर साल लाखों लोगों की जान सिर्फ समय पर रक्त नहीं मिलने के कारण चली जाती है। ऐसे में ब्लड डोनेशन यानी रक्तदान को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। इसी के चलते हर साल 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस (World Blood Donor Day) मनाया जाता है। यह दिन स्वेच्छा से रक्तदान करने वाले निस्वार्थ डोनर्स को सम्मान देने, और रक्तदान के महत्व को उजागर करने के लिए मनाया जाता है।
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2025 में इस दिवस की थीम है –
“रक्त दें, आशा दें: साथ मिलकर हम जीवन बचाते हैं”
(“Give blood, give hope: Working together to save lives”)

World Blood Donor Day: थीम का उद्देश्य क्या है?
इस वर्ष की थीम का फोकस उन सभी लोगों पर है जो निःस्वार्थ भाव से रक्तदान करते हैं और अनगिनत अनजान लोगों की जान बचाने में अपना योगदान देते हैं। यह थीम:
1. रक्तदाताओं के जीवन-परिवर्तनकारी प्रभाव को उजागर करती है।
2. नए और नियमित रक्तदाताओं दोनों को प्रेरित करती है कि वे इस मानवीय कार्य में सक्रिय रूप से भाग लें।
3. रक्तदान को एक सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में प्रस्तुत करती है।
4. लोगों में यह विश्वास जगाती है कि रक्त देना, सिर्फ खून देना नहीं, बल्कि किसी की उम्मीद बनना है।

विश्व रक्तदाता दिवस की शुरुआत…
2004 में विश्व रक्तदाता दिवस को पहली बार विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा मान्यता दी गई थी। 2005 में 58वीं विश्व स्वास्थ्य सभा में इसे रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक वार्षिक वैश्विक आयोजन के रूप में घोषित किया गया था।
हर साल 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन सभी रक्तदाताओं के सम्मान में समर्पित होता है जो बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की जान बचाने के लिए अपना खून दान करते हैं
ब्लड डोनेशन के लिए योग्यता (Eligibility to Donate Blood)….
भारत में ब्लड डोनेट करने के लिए नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (NBTC) द्वारा निर्धारित कुछ सामान्य मापदंड हैं। इनके अनुसार कोई व्यक्ति तभी रक्तदान कर सकता है जब –
आयु 18 से 65 वर्ष के बीच हो
1. रक्तदान करने वाले की उम्र कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 65 वर्ष होनी चाहिए।
2. 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए यह तभी संभव है जब वे पूरी तरह स्वस्थ हों और किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित न हों।
वजन कम से कम 50 किलोग्राम हो…
1. रक्तदान करने वाले व्यक्ति का वजन 50 किलोग्राम या उससे अधिक होना चाहिए।
2. महिलाओं के लिए 45 किलोग्राम तक भी कुछ ब्लड बैंक्स स्वीकार करते हैं, लेकिन यह उनकी मेडिकल फिटनेस पर निर्भर करता है।
हीमोग्लोबिन लेवल सामान्य हो…
रक्तदान से पहले डोनर का हीमोग्लोबिन स्तर पुरुषों के लिए 13.0 ग्राम/डीएल और महिलाओं के लिए 12.5 ग्राम/डीएल से ऊपर होना चाहिए।
ब्लड प्रेशर और पल्स सामान्य हो…
ब्लड डोनेशन से पहले डोनर का ब्लड प्रेशर, पल्स और शरीर का तापमान जांचा जाता है। अगर कोई असामान्यता मिलती है, तो डोनेशन नहीं किया जा सकता।

कौन लोग ब्लड डोनेट नहीं कर सकते?
संक्रामक बीमारी वाले लोग..
HIV/AIDS, हेपेटाइटिस B या C, सिफलिस या किसी अन्य संक्रामक बीमारी से ग्रसित व्यक्ति ब्लड डोनेट नहीं कर सकते।
हाल में सर्जरी या टैटू कराया हो…
यदि आपने हाल ही में (6 महीने के अंदर) कोई सर्जरी कराई हो या टैटू बनवाया हो, तो आप ब्लड डोनेट नहीं कर सकते।
गर्भवती महिलाएं या हाल ही में मां बनी महिलाएं…
गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिलाएं और जिन्होंने पिछले 6 महीने में डिलीवरी की हो – वे रक्तदान नहीं कर सकतीं।
मासिक धर्म (Periods) के दौरान महिलाएं?
यह एक आम मिथक है कि पीरियड्स के दौरान महिलाएं ब्लड डोनेट नहीं कर सकतीं। लेकिन अगर महिला स्वस्थ महसूस कर रही है, उसका हीमोग्लोबिन सामान्य है और पीरियड्स बहुत भारी नहीं हैं, तो वह रक्तदान कर सकती है।
हालांकि, यदि महिला को कमजोरी, थकान, एनीमिया या भारी रक्तस्राव की समस्या है, तो रक्तदान टालना बेहतर होता है।
ड्रग्स या शराब का सेवन करने वाले लोग..
नशा करने वाले या शराब पीने के 24 घंटे के भीतर ब्लड डोनेट नहीं किया जा सकता।
बीमार या बुखार में हो…
यदि आपको किसी प्रकार का बुखार, संक्रमण, खांसी-जुकाम या हाल में कोई बीमारी हुई हो, तो रिकवरी के बाद ही रक्तदान करें।

महिलाओं के लिए ब्लड डोनेशन से जुड़ी खास बातें…
1. हीमोग्लोबिन 12.5 g/dl से ऊपर होना चाहिए।
2. डिलीवरी या अबॉर्शन के बाद कम से कम 6 महीने का ब्रेक जरूरी है।
3. स्तनपान कराने वाली महिलाएं ब्लड डोनेट नहीं कर सकतीं।
4. अगर पीरियड्स के दौरान थकान या कमजोरी हो, तो डोनेशन न करें।
कितने समय में फिर से ब्लड डोनेट कर सकते हैं?
1. पुरुष: हर 3 महीने (12 सप्ताह) के बाद
2. महिला: हर 4 महीने (16 सप्ताह) के बाद
यह अंतराल शरीर को खोए हुए रक्त की भरपाई का समय देता है।
रक्तदान से पहले और बाद क्या खाएं?
डोनेशन से पहले…
पर्याप्त पानी पीएं, हल्का नाश्ता करें। आयरन युक्त भोजन (हरी सब्ज़ियां, दालें, अनार, सेब)
डोनेशन के बाद…
तुरंत आराम करें, अधिक पानी और जूस लें, लोहे और विटामिन-सी युक्त भोजन करें।

ब्लड डोनेट करने के फायदे…
रक्तदान न केवल दूसरों की जान बचाता है, बल्कि डोनर के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है –
1. शरीर में नया खून बनने की प्रक्रिया तेज होती है
2. आयरन लेवल संतुलित रहता है
3. दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है
4. आत्मिक संतोष और मानसिक सुकून मिलता है
