Wimbledon 2025: टेनिस प्रेमियों के लिए बड़ी खबर! टेनिस का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित टूर्नामेंट विम्बलडन 2025 आज से लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब में शुरू होने जा रहा है। 148 साल पुराने इस टूर्नामेंट का यह 138वां संस्करण है।
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आपको बता दें कि, इतिहास में केवल दो मौकों पर—विश्व युद्ध और कोरोना महामारी (2020) के दौरान—इस टूर्नामेंट का आयोजन रुका था।
साल का तीसरा ग्रैंड स्लैम…
टेनिस में कुल चार ग्रैंड स्लैम होते हैं –
1. ऑस्ट्रेलियन ओपन – जनवरी
2. फ्रेंच ओपन – मई-जून
3. विम्बलडन – जुलाई
4. यूएस ओपन – अगस्त-सितंबर
विम्बलडन को इन सभी में सबसे ज्यादा परंपरागत और खास माना जाता है।
जोकोविच vs अल्काराज: दिग्गज और युवा टक्कर…
इस बार सर्बिया के नोवाक जोकोविच 25वां ग्रैंड स्लैम टाइटल जीतने के इरादे से कोर्ट में उतरेंगे। उनके सामने होंगे स्पेन के 22 वर्षीय युवा स्टार कार्लोस अल्काराज, जिन्होंने पिछले साल जोकोविच को फाइनल में हराया था।
ऑल इंग्लैंड क्लब कराता है आयोजन, न कि कोई राष्ट्रीय टेनिस संघ…
विम्बलडन एकमात्र ग्रैंड स्लैम है, जिसे कोई राष्ट्रीय टेनिस एसोसिएशन नहीं, बल्कि “ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोकेट क्लब” आयोजित करता है।
बता दें कि, क्लब की स्थापना 1868 में हुई थी। पहला विम्बलडन टूर्नामेंट 1877 में आयोजित किया गया था। यह क्लब आज भी एक प्राइवेट संस्था है और इसकी मालकिन हैं “प्रिंसेस ऑफ वेल्स, कैथरीन एलिजाबेथ मिडलटन”।
ग्रास कोर्ट की शान: इकलौता घास का ग्रैंड स्लैम…
चारों ग्रैंड स्लैम में सिर्फ विम्बलडन ही ऐसा टूर्नामेंट है, जो आज भी ग्रास कोर्ट पर खेला जाता है।
1. ऑस्ट्रेलियन ओपन और US ओपन: हार्ड कोर्ट
2. फ्रेंच ओपन: क्ले कोर्ट
3. विम्बलडन: ग्रास कोर्ट (1877 से)
बॉल बॉय और बॉल गर्ल्स: BBG की खास परंपरा..
1. 2005 से BBG टीमें 6 लोगों की होती हैं – 2 नेट पर और 4 कोनों में।
2. इनका चयन स्कूल प्रिंसिपल द्वारा होता है और सभी को टेनिस नियमों की परीक्षा देनी होती है।
3. 1920-30 के दशक में इनकी शुरुआत हुई थी।
सफेद ड्रेस कोड: परंपरा से समझौता नहीं…
विम्बलडन की एक और पहचान है – सफेद ड्रेस कोड।
1. सभी खिलाड़ियों को पूरी तरह सफेद पोशाक पहननी होती है।
2. 2022 में इस नियम के खिलाफ महिलाओं द्वारा विरोध हुआ था, खासकर पीरियड्स के दौरान सफेद कपड़ों में खेलने की चुनौती पर। लेकिन आयोजकों ने ड्रेस कोड नहीं बदला। 2025 में भी खिलाड़ी सफेद कपड़ों में ही दिखेंगे।
स्ट्रॉबेरी, क्रीम और ब्रिटिश वाइन: दर्शकों के लिए खास ट्रीट…
विम्बलडन की एक और अनोखी परंपरा है –
स्ट्रॉबेरी और क्रीम सर्व करना। इसके साथ ही दर्शकों को ब्रिटिश वाइन भी दी जाती है। यह परंपरा इस टूर्नामेंट को एक शाही अनुभव में बदल देती है।
शाही परिवार को सम्मान देने की परंपरा…
पहले खिलाड़ी रॉयल बॉक्स में बैठे शाही परिवार को सिर झुकाकर सम्मान देते थे। 2003 में यह नियम हटा दिया गया। अब खिलाड़ी सिर्फ तभी झुकते हैं, जब वेल्स के राजकुमार या महारानी उपस्थित हों।
आखिरी बार 2010 में महारानी एलिजाबेथ की उपस्थिति में यह परंपरा देखी गई थी।
महिला खिलाड़ियों को संबोधन में बदलाव…
2009 तक महिला खिलाड़ियों को ‘मिस’ या ‘मिसेज’ से स्कोरबोर्ड पर संबोधित किया जाता था। विवाहित महिलाओं को पति के नाम से पुकारा जाता था।
अब यह परंपरा हटा दी गई है और सभी खिलाड़ियों को बराबर सम्मान मिलता है।
ट्रॉफी की नकल दी जाती है, असली म्यूजियम में रहती है..
1. पुरुष विजेता को 18.5 इंच ऊंची ट्रॉफी दी जाती है, लेकिन यह नकल होती है।
2. असली ट्रॉफी ऑल इंग्लैंड क्लब के म्यूजियम में रखी जाती है।
3. महिला विजेता को स्टर्लिंग सिल्वर से बनी साल्वर प्लेट दी जाती है, जिस पर देवी-देवताओं की आकृतियां होती हैं।
4. डबल्स विजेता को सिल्वर कप दिया जाता है।
रूफस द हॉक: कबूतर भगाने वाला सुपरस्टार बाज…
विम्बलडन में कबूतरों को भगाने के लिए एक खास बाज को तैनात किया गया है — रूफस द हॉक।
यह एक हैरिस हॉक है। पिछले 15 वर्षों से यह सेवा में है। इससे पहले हामिश बाज इस जिम्मेदारी को निभाता था। रूफस को विम्बलडन परिवार का अहम सदस्य माना जाता है।
