नए विधेयक का नाम ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका (ग्रामीण) मिशन’ है, जिसे VB G RAM G कहा गया है।
बिल का लक्ष्य
बिल पारित कराने के लिए BJP ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। बिल से जुड़ी प्रतियां लोकसभा सदस्यों को वितरित कर दी गई हैं। सरकार के मुताबिक, नया विधेयक विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नया ढांचा पेश करता है।
बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 9 दिसंबर को खत्म हो रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार इस सत्र में इसे पास कराकर इसे संसदीय समिति के पास भेज सकती है। वहीं काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी जाएगी।

MGNREGA scheme G RAM G Bill: कांग्रेस का विरोध
इधर कांग्रेस ने इस फैसले का विरोध किया है। सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम क्यों हटाया जा रहा। इससे पहले 12 दिसंबर को खबर आई थी कि मनरेगा का नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना रखा है। लेकिन, सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन सामने नहीं आया था।

125 दिन मिलेगा काम
बिल के मुताबिक, पिछले 20 सालों में MGNREGA ने ग्रामीण परिवारों को रोजगार दिया, लेकिन गांवों में हुए सामाजिक-आर्थिक बदलावों को देखते हुए इसे और मजबूत करना बेहद जरूरी है। नए कानून के मुताबिक हर ग्रामीण परिवार को, जो बिना कौशल वाला काम करने को तैयार हो, हर साल 125 दिन का वेतनयुक्त रोजगार मिलेगा। इसका मकसद विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप गांवों का समग्र विकास करना है।
नए कानून के तहत हर ग्रामीण परिवार को, जो बिना कौशल वाला काम करने को तैयार हो, हर साल 125 दिन का रोजगार मिलेगा। इसका उद्देश्य विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप गांवों का समग्र विकास करना है।
खत्म हो जाएगी MGNREGA?
MGNREGA scheme G RAM G Bill: अब सवाल है कि क्या MGNREGA पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा? तो नया बिल साफ तौर पर 2005 के MGNREGA कानून को रद्द (Repeal) करने की बात करता है। यानी नया कानून लागू होने के बाद सिर्फ VB-G RAM G ही लागू रहेगा।
‘मनरेगा’ का नाम बदला, जानिए कैसे करें आवेदन?
MGNREGA name change: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम बदल दिया है। अब मनरेगा का नाम पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार गारंटी (PBNREGA) योजना होगा। साथ ही 100 दिन की रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन करने का फैसला लिया गया।

मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि नाम बदलने का कारण समझ नहीं आया। जब किसी योजना का नाम बदला जाता है तो सरकार के संसाधन फिर से इस पर खर्च होते हैं। पूरी खबर..
