अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस
प्रशासन का यह नोटिस अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के पीछे वाले हिस्से पर चस्पा मिला। इस नोटिस की जानकारी तब हुई जब मेला प्रशासन के कर्मचारियों ने शिविर में आकर इसकी जानकारी दी। जब तक अविमुक्तेश्वरानंद को इसकी जानकारी हुई तब तक 3 दिन बीत चुके थे। यह नोटिस अधिकृत हस्ताक्षरी के नाम से जारी किया गया था।

24 घंटे के अंदर मांगा जवाब
दूसरे नोटिस में लिखा गया की अगर 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संस्था को दी गई जमीन और सुविधाएं वापस ले ली जाएगी। मौनी अमावस्या के दिन हुई स्थिति से माघ मेला की व्यवस्था छिन्न-भिन्न हुई। स्नान के लिए आ रहे लाखों स्नानार्थियों को स्नान कराकर उन्हें वापस भेजने में दिक्कत हुई। मेला में आए लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर खतरा भी उत्पन्न हुआ। इसके अलावा आप ने अपने आपको शंकराचार्य बताते हुए मेले में बोर्ड लगाए हैं। जबकि आधिकारिक रूप से आपके शंकराचार्य होने पर सुप्रीम कोर्ट से रोक है, जो न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में है।
Avimukteshwaranand Magh Mela Ban: शंकराचार्य का जवाब
इधर, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से प्रयागराज मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और मेलाधिकारी ऋषिराज की ओर से जारी नोटिस का जवाब दिया। उनके वकील अंजनी कुमार मिश्र की ओर से दाखिल 8 पेज के जवाब में प्रशासन से 24 घंटे के भीतर नोटिस वापस लेने की मांग की गई है। कहा गया कि शंकराचार्य का पट्टाभिषेक पहले ही संपन्न हो चुका था। प्रशासन की ओर से आदेश बाद के समय का है। वकील ने चेतावनी दी है कि यदि नोटिस वापस नहीं लिया गया तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
