Wildlife Week Uttarakhand 2025: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून जू में आयोजित वन्य जीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने राज्यवासियों को वन्य जीव संरक्षण का संदेश देते हुए बड़ा ऐलान किया कि अब प्रदेश में वन्य जीवों के हमले में होने वाली जनहानि पर मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया जाएगा।
वन्य जीव आस्था और संस्कृति का हिस्सा
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वन्य जीव केवल प्रकृति का ही नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का भी अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि हमारी सनातन संस्कृति में हर देवी-देवता का एक वाहन या प्रतीक किसी न किसी वन्य जीव से जुड़ा हुआ है। उदाहरण के लिए माँ दुर्गा का वाहन सिंह, भगवान शिव का नंदी, भगवान विष्णु का गरुड़ और भगवान गणेश का वाहन मूषक है।
सीएम ने कहा कि इन उदाहरणों से साफ होता है कि मानव और वन्य जीवों का सह-अस्तित्व हमारी प्राचीन परंपरा का मूल संदेश है। यही कारण है कि हमें वन्य जीवों की रक्षा करना और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।

14.77% भूमि संरक्षित क्षेत्र घोषित
मुख्यमंत्री धामी ने जानकारी दी कि राज्य की लगभग 14.77 प्रतिशत भूमि संरक्षित क्षेत्र घोषित है। इसमें नेशनल पार्क, वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और रिज़र्व शामिल हैं। इस भूमि का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें समाज और युवाओं की भागीदारी भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन मिलकर प्रयास कर रहे हैं कि प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन बनाए रखते हुए लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर तकनीकी निगरानी
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में अक्सर मानव-वन्य जीव संघर्ष की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में तकनीक की मदद से इन घटनाओं को रोकने और कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्य में ड्रोन सर्विलांस, कैमरा ट्रैपिंग और जीपीएस ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, वन विभाग को विशेष प्रशिक्षण देकर तैनात किया गया है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में समय पर कार्रवाई की जा सके।

Wildlife Week Uttarakhand 2025: युवाओं और छात्रों को जोड़ा जाएगा
सीएम ने कहा कि वन्य जीव संरक्षण केवल सरकारी नीतियों से सफल नहीं हो सकता। इसके लिए समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है। खासकर युवाओं और छात्रों को इसमें शामिल करना समय की मांग है।
उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेजों में वन्य जीव संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इससे नई पीढ़ी को प्रकृति और पर्यावरण के महत्व की समझ होगी और वे आगे चलकर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वन मंत्री और अन्य लोग उपस्थित
Wildlife Week Uttarakhand 2025: इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल समेत कई प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वन्य जीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं भी वन्य जीव संरक्षण से जुड़ी हुई हैं, इसलिए इसे और अधिक मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
