why hanuman is called sankatmochan : नकारात्मक ऊर्जा को दूर करते हैं हनुमान जी
why hanuman is called sankatmochan : हनुमान जी को “संकटमोचन” कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों के सभी संकटों और कष्टों को दूर करने वाले माने जाते हैं। यह उपाधि उनके जीवन के कई प्रसंगों में उनके द्वारा संकटों को नष्ट करने की क्षमता को दर्शाती है। संकटमोचन हनुमान के रूप में पूजा के लाभ जानिए “ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा जी” से… क्यों कहते हैं हनुमान जी को संकटमोचन, रामायण की कथाओं से लेकर आज के जीवन में नकारात्मक ऊर्जा से बचाने वाला देव हैं हनुमान जी।
संकटमोचन क्यों कहलाए हनुमान जी?
- लक्ष्मण जी को संजीवनी बूटी लाकर जीवनदान देना: रामायण के युद्ध के दौरान, जब लक्ष्मण जी मेघनाद के बाण से मूर्छित हो गए, तो हनुमान जी ने हिमालय से संजीवनी बूटी लाकर उन्हें जीवनदान दिया। इस घटना ने उन्हें संकटमोचन के रूप में प्रतिष्ठित किया।
- सीता जी की खोज और रावण के दरबार में साहसिक कार्य: हनुमान जी ने लंका जाकर सीता जी का पता लगाया और रावण के दरबार में जाकर उनकी योजना को विफल किया, जिससे राम के भक्तों के संकट दूर हुए।
- राम के प्रति अडिग भक्ति और समर्पण: हनुमान जी की राम के प्रति भक्ति और समर्पण ने उन्हें संकटमोचन के रूप में प्रतिष्ठित किया। उनकी यह भक्ति उन्हें संकटों से उबारने वाली शक्ति प्रदान करती है।
संकटमोचन हनुमान के रूप में पूजा के लाभ
- सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति: हनुमान जी की पूजा से मानसिक, शारीरिक और आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है।
- नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा: उनकी उपासना से भूत-प्रेत, तंत्र-मंत्र और बुरी नजर जैसी नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है।
- आध्यात्मिक उन्नति: हनुमान जी की भक्ति से आत्मविश्वास, साहस और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
यदि आप हनुमान जी की पूजा करना चाहते हैं, तो प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड का पाठ और मंगलवार के दिन विशेष पूजा विधि अपनाना लाभकारी हो सकता है।
हनुमान जी की उपासना से न केवल संकटों से मुक्ति मिलती है, बल्कि जीवन में सकारात्मकता और शक्ति का संचार भी होता है।
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