Gym Trainers Recommend Paneer: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहना हर किसी की प्राथमिकता बन गया है। लोग जिम जाकर वर्कआउट करते हैं, पर्सनल ट्रेनर से सलाह लेते हैं और खानपान में बदलाव लाते हैं। फिटनेस की दुनिया में एक चीज लगभग हर जिम ट्रेनर की सलाह में कॉमन होती है — पनीर (Paneer)।
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लेकिन आखिर क्या वजह है कि पनीर को इतना अहम माना जाता है? क्या यह सच में मसल्स बढ़ाने और वजन कम करने में मदद करता है? इस लेख में हम पनीर से जुड़ी तमाम जानकारियां देंगे — पोषण से लेकर इसके फायदे, किसे कितनी मात्रा में खाना चाहिए ।
कैसे बनता हैं पनीर?
पनीर एक डेयरी उत्पाद है जिसे दूध को फाड़कर (आमतौर पर नींबू का रस या सिरका मिलाकर) तैयार किया जाता है। यह भारतीय व्यंजनों का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन अब यह हेल्थ और फिटनेस इंडस्ट्री में भी काफी लोकप्रिय हो गया है। इसमें प्रोटीन, वसा , कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन B12 की भी अच्छी मात्रा होती है।
जिम ट्रेनर क्यों देते हैं पनीर खाने की सलाह?
उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन स्रोत…
पनीर को ‘कम्प्लीट प्रोटीन’ कहा जाता है क्योंकि इसमें सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड मौजूद होते हैं। मांसाहारी लोगों के लिए चिकन और अंडा जितना अहम है, शाकाहारी लोगों के लिए पनीर उतना ही महत्वपूर्ण है। यह मसल्स रिकवरी और ग्रोथ में मदद करता है, खासतौर पर वेट ट्रेनिंग करने वालों के लिए।

धीमे पचने वाला प्रोटीन…
पनीर में कैसिइन प्रोटीन होता है, जो धीरे-धीरे पचता है। यही कारण है कि ट्रेनर अक्सर इसे रात में खाने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर सोते समय भी मांसपेशियों की मरम्मत करता रहे।
सस्ता और आसानी से उपलब्ध…
विदेशी सप्लीमेंट्स जैसे व्हे प्रोटीन या BCAA की तुलना में पनीर बहुत सस्ता और घरेलू विकल्प है। यह हर शहर, गांव और कस्बे में आसानी से उपलब्ध होता है।
मसल्स गेन और फैट लॉस दोनों के लिए उपयोगी…
पनीर हाई प्रोटीन और लो कार्ब वाला फूड है, इसलिए यह एक ही समय में मसल्स गेन और फैट लॉस के लिए उपयुक्त है। अगर इसे सही मात्रा में खाया जाए तो यह वजन घटाने वालों और मसल्स बढ़ाने वालों दोनों के लिए फायदेमंद है।
पनीर खाने का सही समय और तरीका…
1. सुबह के नाश्ते में…
यदि आप मांसपेशियों का निर्माण करना चाहते हैं, तो सुबह के नाश्ते में पनीर खाना लाभदायक होता है। आप इसे रोटी के साथ या सादा खा सकते हैं।
2. वर्कआउट के बाद…
हालांकि व्हे प्रोटीन तेजी से पचता है और वर्कआउट के बाद के लिए बेहतर माना जाता है, फिर भी अगर आपके पास दूसरा विकल्प नहीं है, तो पनीर एक अच्छा बैकअप हो सकता है।
3. रात में सोने से पहले…
कैसिइन प्रोटीन धीरे पचता है और सोते समय भी शरीर को पोषण देता रहता है। इसलिए ट्रेनर रात में एक कटोरी पनीर खाने की सलाह देते हैं।
फिटनेस गोल के अनुसार पनीर का उपयोग…
मसल्स गेन के लिए – मसल्स बढ़ाने वाले लोग दिन में 100–150 ग्राम पनीर तक खा सकते हैं, बशर्ते कि बाकी डाइट संतुलित हो।
फैट लॉस के लिए – वजन कम करने वालों के लिए पनीर की मात्रा सीमित रखनी चाहिए — 50 से 100 ग्राम तक, वह भी लो फैट पनीर।

किन्हें पनीर से सावधानी बरतनी चाहिए?
1. यदि किसी को दूध से एलर्जी है या लैक्टोज पचाने में दिक्कत होती है, तो उन्हें पनीर से बचना चाहिए या डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
2. हाई कोलेस्ट्रॉल वाले व्यक्ति – फुल-फैट पनीर में संतृप्त वसा की मात्रा अधिक होती है, जो दिल के लिए नुकसानदेह हो सकती है। ऐसे में लो-फैट वर्जन ही लेना चाहिए।
3. किडनी रोगी – प्रोटीन की अधिकता किडनी पर दबाव डाल सकती है, इसलिए इस वर्ग को किसी भी हाई प्रोटीन फूड से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
क्या पनीर से मोटापा बढ़ता है?
यह एक गलतफहमी है कि पनीर खाने से वजन बढ़ता है। सच्चाई यह है कि अगर इसे अधिक मात्रा में और बिना संतुलित डाइट के खाया जाए, तो कोई भी चीज वजन बढ़ा सकती है।
लेकिन यदि आप नियंत्रित मात्रा में पनीर को अपनी डायट में शामिल करते हैं और नियमित एक्सरसाइज करते हैं, तो पनीर वजन नहीं बढ़ाता बल्कि वजन कम करने में भी मदद कर सकता है।
पनीर बनाम टोफू: कौन बेहतर है?
आजकल कई लोग पनीर के विकल्प के रूप में टोफू (सोया पनीर) का भी सेवन करते हैं। टोफू कम वसा और कैलोरी वाला होता है और शाकाहारी लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
हालांकि, पनीर की तुलना में टोफू में कैसिइन नहीं होता, इसलिए सोने से पहले पनीर ज्यादा असरदार माना जाता है।
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