Sinusitis Symptoms and Treatment: साइनस एक स्वास्थ समस्या है, जिसे साइनसाइटिस भी कहते है, इस स्थिति में नासिका मार्ग और साइनस में सूजन जाती है। यह समस्या अकसर सर्दी – गर्म मौसम में, एलर्जी या प्रदूषण की वजह से ज्यादा होती है। जब साइनस में सूजन आ जाती है, तो वे अवरुद्ध हो सकते हैं, जिससे बलगम का निर्माण और नाक बंद होना, चेहरे पर दर्द या दबाव, सिरदर्द, खांसी, थकान और गंध और स्वाद की कमी महसूस होना इसके लक्षण हैं।
Read More: Sleep Apnea Symptoms Treatment:स्लीप एपनिया के लक्षण, कारण? जानिए इसे नियंत्रित करने के आसान उपाय…
साइनस कैसे होता है?
साइनस के संक्रमण का मुख्य कारण वाइरस, बैक्टीरिया, एलर्जी या प्रदूषण हो सकते हैं। इसके अलावा, कुछ अन्य कारण भी साइनसाइटिस का कारण बन सकते हैं, जैसे –
1. जब किसी व्यक्ति को सर्दी या फ्लू होता है, तो उसका नाक बंद हो जाता है और साइनस में सूजन आ जाती है।
2. एलर्जी: जैसे धूल, पराग, प्रदूषण, और अन्य एलर्जिक प्रतिक्रिया करने वाली चीजें भी साइनसाइटिस का कारण बन सकती हैं।
3. नाक के अंदर की संरचनाओं में बदलाव: जैसे नाक की हड्डी या साइनस की दीवारों में विकृति (जैसे नाक की सूजन या पुल की विकृति) साइनस के संक्रमण का कारण बन सकती है।
4. कभी-कभी दांतों की समस्याएं, जैसे संक्रमण, साइनस में फैल सकती हैं और साइनसाइटिस का कारण बन सकती हैं।

लक्षण…
साइनसाइटिस के लक्षण कुछ सामान्य होते हैं, जिनका अनुभव अधिकतर मरीजों को होता है। इसके लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं-
1. साइनस संक्रमण में नाक से पानी बहता है या नाक पूरी तरह से बंद हो जाती है।
2. चेहरे में दबाव, गालों, आंखों के नीचे, माथे या नाक के आस-पास दर्द और दबाव महसूस होता है।
3. साइनसाइटिस के कारण सिर में भयंकर दर्द हो सकता है, विशेष रूप से सिर के सामने के हिस्से में।
4. गले में खराश, कफ और बलगम के जमा होने से गले में जलन हो सकती है और खांसी भी हो सकती है।
5. मवाद और बलगम के जमा होने से सांसों में गंध आ सकती है।
6. तीव्र साइनसाइटिस के मामलों में बुखार भी हो सकता है।
7. संक्रमण के कारण शरीर में थकावट महसूस हो सकती है।
इलाज…
गर्म पानी से भाप लें…
साइनस की सूजन को कम करने के लिए गर्म पानी से भाप लेना अत्यधिक फायदेमंद हो सकता है। यह नासिका मार्ग को खोलता है और साइनस के भीतर जमा हुए बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है।

गर्म पानी का सेवन करें…
साइनस और सर्दी-जुकाम से राहत पाने का सबसे आसान तरीका है गर्म पानी पीना। ठंडे पानी से परहेज करें क्योंकि यह बलगम को और बढ़ा सकता है। गर्म पानी आपके शरीर से बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है और शरीर में पानी की रिटेंशन को नियंत्रित करता है, जिससे साइनस और सर्दी-जुकाम के लक्षण कम होते हैं।
उपयोग: पूरे दिन गर्म पानी पिएं, विशेष रूप से सुबह और रात के समय, ताकि बलगम बाहर निकल सके और साइनस के बंद मार्ग खुल सकें।
नमल जलने का उपयोग…
नाक को साफ और नमी बनाए रखने के लिए नमल जलने का उपयोग किया जा सकता है। यह नाक की सूजन को कम करता है और बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है।

शहद और अदरक का मिश्रण…
शहद और अदरक का मिश्रण एक अत्यधिक प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार है। यह दोनों ही सामग्री सूजन-रोधी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती हैं, जो साइनस और सर्दी-जुकाम के लक्षणों को राहत देती हैं।
1. शहद, काली मिर्च, और हल्दी के मिलेजुले प्रभाव से यह मिश्रण न केवल एलर्जी से राहत दिलाता है, बल्कि शरीर में सूजन को भी कम करता है।
2. अदरक और काली मिर्च गर्म होती हैं और यह आपके शरीर की गर्मी को संतुलित करती हैं, जिससे सर्दी और साइनस की समस्याएं ठीक होती हैं।
सर्दी और एलर्जी के लिए एंटीहिस्टामिनिक दवाएं..
यदि साइनसाइटिस एलर्जी के कारण है, तो एंटीहिस्टामिनिक दवाएं (जैसे cetirizine या loratadine) मदद कर सकती हैं, जो एलर्जी प्रतिक्रियाओं को कम करती हैं।
विटामिन C और आयरन…
इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए विटामिन C और आयरन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे खट्टे फल और हरी पत्तेदार सब्जियां खानी चाहिए।
सर्जरी..
यदि साइनसाइटिस लंबा समय तक चलता है या गंभीर हो जाता है और उपचार से ठीक नहीं होता है, तो सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। सर्जरी में साइनस की नलियों को खोलने के लिए सर्जिकल हस्तक्षेप किया जाता है, ताकि बलगम को बाहर निकाला जा सके।
साइनस से बचाव के उपाय…
साइनस की समस्या से बचने के लिए कुछ सामान्य उपायों को अपनाया जा सकता है:
1. स्वच्छता बनाए रखें: हाथों को धोना और नाक को साफ रखना साइनस के संक्रमण से बचाव में मदद करता है।
2. प्रदूषण से बचें: प्रदूषण, धूल, और धुएं से दूर रहना चाहिए, खासकर एलर्जी की स्थिति में।
3. सर्दी और फ्लू से बचाव: फ्लू और सर्दी से बचने के लिए इम्यून सिस्टम को मजबूत रखें।
4. जल्दी इलाज कराएं: सर्दी और नजले के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जल्द से जल्द इलाज कराएं।
