Weight Loss During Pregnancy: प्रेग्नेंसी का हर पल एक महिला के लिए बेहद खास होता है। मां बनने का एहसास जितना सुखद होता है, उतनी ही चुनौतियां भी साथ लेकर आता है। इस दौरान शारीरिक और हार्मोनल बदलाव आम बात हैं। गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ना भी इसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है, जो मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी माना जाता है। हालांकि, कई महिलाएं अपने बढ़ते वजन को लेकर चिंतित रहती हैं और सवाल करती हैं – क्या प्रेग्नेंसी में वजन कम करना सुरक्षित है?
आइए विस्तार से समझते हैं कि प्रेग्नेंसी में वजन क्यों बढ़ता है, कब यह चिंता का विषय बन सकता है और क्या वजन घटाना सुरक्षित है या नहीं।
प्रेग्नेंसी में कब और क्यों बढ़ता है वजन?
गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ने के पीछे कई वजहें होती हैं – जैसे बच्चे की ग्रोथ, प्लेसेंटा, एमनियोटिक फ्लुइड, ब्रेस्ट टिश्यू, ब्लड वॉल्यूम और फैट स्टोर्स। यह सब मिलकर वजन को बढ़ाते हैं। आमतौर पर प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीनों में वजन में ज्यादा बदलाव नहीं होता। लेकिन जैसे ही दूसरी तिमाही शुरू होती है, वजन तेजी से बढ़ने लगता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक स्वस्थ गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का वजन औसतन 11 से 16 किलो तक बढ़ना सामान्य माना जाता है। हालांकि, अगर किसी महिला का वजन पहले से ही ज्यादा है या वह ओवरवेट है, तो डॉक्टर उसकी प्रेग्नेंसी के हिसाब से अलग सलाह दे सकते हैं।

क्या प्रेग्नेंसी में वजन कम करना सेफ है?
सूत्रो के अनुसार, गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. सीमा गुप्ता कहती हैं, “प्रेग्नेंसी में वजन बढ़ना बच्चे की सेहत के लिए जरूरी है। अगर कोई महिला इस दौरान वजन कम करने की कोशिश करती है, तो उसे पर्याप्त कैलोरी और पोषक तत्व नहीं मिलेंगे, जो न सिर्फ मां बल्कि बच्चे की सेहत पर भी असर डाल सकते हैं।”
वजन कम करने की कोशिश प्रेग्नेंसी में खतरनाक साबित हो सकती है, क्योंकि –
1. इससे प्रीमैच्योर डिलीवरी यानी समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ जाता है।
2. बच्चे के विकास पर असर पड़ता है।
3. मां में कमजोरी और एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
4. कुछ गंभीर मामलों में शिशु की मृत्यु का भी जोखिम रहता है।

जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ना सही नहीं?
जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ना प्रेग्नेंसी में कई तरह की दिक्कतें पैदा कर सकता है, जैसे –
1. हाई ब्लड प्रेशर
2. प्रेग्नेंसी डायबिटीज
3. सी-सेक्शन की संभावना बढ़ जाना
4. बच्चे का वजन जन्म के समय जरूरत से ज्यादा होना (Macrosomia)
डॉक्टरों का कहना है कि अगर वजन ज्यादा बढ़ रहा है, तो डॉक्टर की निगरानी में संतुलित डाइट और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज अपनाई जा सकती है। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह की डायटिंग या वजन कम करने की कोशिश खतरनाक हो सकती है।
प्रेग्नेंसी में डाइटिंग सही है या नहीं?
गर्भावस्था के दौरान कई महिलाएं वजन कम करने के लिए खाना कम कर देती हैं या डाइटिंग शुरू कर देती हैं। मगर ऐसा करना बहुत ही खतरनाक हो सकता है। सीमित कैलोरी लेना गर्भ में पल रहे बच्चे को जरूरी पोषण नहीं मिलने देता।
सूत्रो के अनुसार, डॉ. सीमा गुप्ता कहती हैं, “प्रेग्नेंसी के दौरान कीटो डाइट, एटकिन्स डाइट या कोई भी एक्सट्रीम डाइट पूरी तरह से अवॉइड करनी चाहिए। ये डाइट्स शरीर को जरूरी पोषक तत्वों से वंचित कर सकती हैं, जो बच्चे की सेहत के लिए घातक है।”
अगर प्रेग्नेंसी में वजन कम हो रहा है तो क्या करें?
कई बार प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में मॉर्निंग सिकनेस, उल्टी या टाइप 1 डायबिटीज जैसी स्थितियों के कारण महिलाओं का वजन कम होने लगता है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय कुछ उपाय अपनाएं –
1. दिनभर में तीन बड़ी मील्स के बजाय 5-6 बार छोटी-छोटी मील्स खाएं।
2. ऐसे फूड्स और गंध से बचें, जिनसे उल्टी या मतली होती हो।
3. सुबह उठते ही खाली पेट न रहें। कुछ हल्का खा लें।
4. रोजाना प्रीनेटल विटामिन लें।
5. खाने के बीच में हेल्दी स्नैक्स जैसे नट्स, फ्रूट्स, योगर्ट शामिल करें।
6. दिनभर में खूब पानी पिएं ताकि बॉडी हाइड्रेटेड रहे।
अगर वजन लगातार कम हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टर की सलाह क्यों जरूरी है?
गर्भावस्था में कोई भी बड़ा कदम, जैसे वजन कम करने की कोशिश, डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं उठाना चाहिए। हर महिला की प्रेग्नेंसी अलग होती है। डॉक्टर आपकी उम्र, हेल्थ हिस्ट्री और गर्भावस्था की जटिलताओं को देखते हुए ही आपको सही सलाह दे सकते हैं।
याद रखें, प्रेग्नेंसी में सबसे महत्वपूर्ण चीज है मां और बच्चे की सेहत। वजन कम करने की जल्दबाजी में किसी भी तरह का रिस्क लेना नुकसानदेह साबित हो सकता है।
