वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में दावोस से मध्यप्रदेश ने साफ संकेत दिया कि राज्य अब केवल संभावनाओं की बात नहीं कर रहा, बल्कि वैश्विक साझेदारी के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां एआई, हरित ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर दुनिया की बड़ी कंपनियों और देशों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया। इन बैठकों ने मध्यप्रदेश को निवेश-अनुकूल और नवाचार-आधारित राज्य के रूप में नई पहचान दी।
ग्रीन एनर्जी से डिजिटल अर्थव्यवस्था तक
दावोस में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को ऊर्जा संक्रमण और तकनीकी नवाचार के अग्रणी राज्य के रूप में प्रस्तुत किया। री न्यू पावर के सीईओ सुमंत सिन्हा के साथ हुई बैठक में स्वच्छ ऊर्जा में राज्य की भूमिका और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती ऊर्जा मांग और डेटा सेंटर आधारित अर्थव्यवस्था को मध्यप्रदेश अवसर में बदल रहा है। राज्य की नवकरणीय ऊर्जा नीति, विशाल सौर क्षमता और ऊर्जा भंडारण की संभावनाएं उसे देश के भरोसेमंद हरित ऊर्जा गंतव्यों में शामिल करती हैं. उनके मुताबिक, स्वच्छ ऊर्जा सिर्फ पर्यावरण का सवाल नहीं है, बल्कि औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और डिजिटल विकास की बुनियाद भी है।
डेटा सेंटर और उद्योगों को स्थिर ऊर्जा
डॉ. यादव ने साफ किया कि डेटा सेंटर, उन्नत विनिर्माण और उभरती तकनीकों के लिए स्थिर और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी कड़ी में उन्होंने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी को राउंड टेबल मीटिंग के समापन पर प्रतीक चिन्ह भेंट किया.
री न्यू पावर के सीईओ सुमंत सिन्हा ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में नीति की स्पष्टता और प्रशासनिक सहयोग निवेशकों में भरोसा पैदा करता है। उन्होंने सौर ऊर्जा, पंप स्टोरेज और डेटा सेंटर से जुड़ी स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में कंपनी की विस्तार योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
एआई से किसानों और आम लोगों तक लाभ
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 के दौरान मुख्यमंत्री की एनवीडिया की ग्लोबल एआई इनिशिएटिव्स की उपाध्यक्ष कैलिस्टा रेडमड से भी अहम बातचीत हुई। डॉ. यादव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग से किसानों समेत समाज के विभिन्न वर्गों तक योजनाएं और सेवाएं ज्यादा पारदर्शी और तेज़ी से पहुंचाई जा सकती हैं.
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार एआई को अलग-अलग शासकीय डाटाबेस से जोड़कर सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत कर रही है। शिक्षा, कृषि और शासन व्यवस्था में डिजिटल समाधान और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को लगातार अपनाया जा रहा है, ताकि पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सके।
मालदीव के साथ बहु-क्षेत्रीय साझेदारी
दावोस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मालदीव के आर्थिक विकास एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद के साथ वन-टू-वन बैठक भी हुई। दोनों नेताओं के बीच पर्यटन को आधार बनाकर चिकित्सा, शिक्षा, वन्यजीव संरक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश और मालदीव के बीच कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पूरक क्षमताओं के आधार पर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित की जा सकती है। खास तौर पर चिकित्सा पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और जैव-विविधता संरक्षण को सहयोग के प्रमुख क्षेत्र बताया गया.
इस पूरे दौरे ने यह साफ कर दिया है कि मध्यप्रदेश अब वैश्विक मंच पर निवेश, तकनीक और सतत विकास को लेकर ज्यादा आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख रहा है, और आने वाले समय में इन संवादों के ठोस नतीजे दिखने की उम्मीद है।
