VVPAT slips found in Samastipur: बिहार के समस्तीपुर जिले से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में सड़क किनारे भारी संख्या में VVPAT पर्चियां मिलने से हड़कंप मच गया। इन पर्चियों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। घटना सामने आने के बाद आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) ने इस मुद्दे को उठाते हुए चुनावी पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सड़क किनारे मिलीं चुनाव पर्चियां
जानकारी के मुताबिक, सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के शीतलपट्टी गांव के पास, KSR कॉलेज के समीप सड़क किनारे बड़ी संख्या में VVPAT पर्चियां (Voter Verifiable Paper Audit Trail slips) फेंकी हुई मिलीं। इन पर्चियों पर विभिन्न चुनाव चिन्ह और उम्मीदवारों के नाम दिखाई दे रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब वे सुबह सड़क किनारे से गुजर रहे थे, तब उन्हें कचरे के ढेर में VVPAT पर्चियां दिखीं।
गांववालों ने तुरंत इस बात की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। थोड़ी ही देर में घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया।

RJD बोली— “क्या चोर आयोग जवाब देगा?”
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा —
समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के KSR कॉलेज के पास सड़क पर भारी संख्या में EVM से निकलने वाली VVPAT पर्चियां फेंकी हुई मिलीं। कब, कैसे, क्यों और किसके इशारे पर इन पर्चियों को फेंका गया? क्या चोर आयोग इसका जवाब देगा? क्या यह सब बाहर से आकर बिहार में डेरा डाले लोकतंत्र के डकैत के निर्देश पर हो रहा है?
आरजेडी के इस ट्वीट के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई और विपक्षी दलों ने इसे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर हमला बताया।
समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के KSR कॉलेज के पास सड़क पर भारी संख्या में EVM से निकलने वाली VVPAT पर्चियां फेंकी हुई मिली।
कब, कैसे, क्यों किसके इशारे पर इन पर्चियों को फेंका गया? क्या चोर आयोग इसका जवाब देगा? क्या यह सब बाहर से आकर बिहार में डेरा डाले लोकतंत्र के… pic.twitter.com/SxOR6dd7Me
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) November 8, 2025
VVPAT slips found in Samastipur: “मॉक पोल की पर्चियां थीं”
घटना की सूचना मिलते ही समस्तीपुर के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि जो पर्चियां मिलीं, वे मॉक पोल (प्रायोगिक मतदान) के दौरान की थीं, जिन्हें गलती से फेंक दिया गया था। मॉक पोल हर मतदान से पहले मशीनों की जांच के लिए किया जाता है, जिसमें इस्तेमाल की गई पर्चियां आमतौर पर नष्ट की जाती हैं।

अधिकारी निलंबित
VVPAT slips found in Samastipur: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि समस्तीपुर के डीएम को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया —
जो पर्चियां मिली हैं, वे मॉक पोल की हैं। इस वजह से मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता या परिणामों पर कोई असर नहीं पड़ा है।
आयुक्त ने आगे कहा कि संबंधित प्रत्याशियों को इसकी जानकारी दे दी गई है, ताकि कोई भ्रम की स्थिति न रहे।
हालांकि, उन्होंने माना कि लापरवाही हुई है, और इसके लिए संबंधित एआरओ को निलंबित किया जा रहा है। साथ ही, एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
