शेखपुरा में घोड़े पर सवार होकर निकले राजद कार्यकर्ता
बिहार में चल रही ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने इस सवाल को सबके सामने लाकर रख दिया है। यह यात्रा न सिर्फ हमारे वोट के महत्व को उजागर कर रही है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे हमें अपनी वोटिंग शक्ति की रक्षा करनी चाहिए।

क्यों जरूरी है वोटर अधिकार यात्रा?
वोट केवल एक चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। यह हमारी आवाज, हमारी पहचान, और हमारे अधिकारों का प्रतीक है। लेकिन क्या हम जानते हैं कि इस अधिकार को हमसे छीनने के कितने तरीके हो सकते हैं? वोटिंग प्रक्रिया में धांधली, साजिशों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण कई बार हमारा वोट डूब जाता है। ऐसे में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का उद्देश्य यही है कि हम अपने वोट को बचा सकें और यह सुनिश्चित कर सकें कि हर व्यक्ति को उसके वोट का सही इस्तेमाल करने का अधिकार मिले।
बिहार में तेजस्वी यादव और राहुल गांधी जैसे नेता इस यात्रा का हिस्सा बने हैं, जो लोगों को यह समझा रहे हैं कि कैसे हमारी सरकार और चुनाव आयोग हमें हमारे अधिकारों से वंचित कर सकते हैं। यह यात्रा सिर्फ एक राजनीतिक मुहिम नहीं है, बल्कि यह हमारे संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा की लड़ाई है। अगर हम आज जागरूक नहीं होते, तो कल हमें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।
कैसे बच सकते हैं हम वोट चोरी से?
सुनिए, यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं है। पिछले कुछ सालों में बिहार जैसे राज्यों में चुनावी धांधली की घटनाएँ बढ़ी हैं। 65 लाख से ज्यादा वोटर का नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिया गया है! यह सिर्फ आंकड़ा नहीं है, यह करोड़ों लोगों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। अगर हम चुनावी प्रक्रिया को सिर्फ एक फॉर्मलिटी मान लें, तो हम बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने साफ तौर पर कहा है कि यह यात्रा इसलिए जरूरी है क्योंकि हम नहीं चाहते कि किसी का वोट चोरी हो। यह सिर्फ एक तकनीकी मुद्दा नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र के अस्तित्व का सवाल है। और यहीं से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की सच्चाई सामने आती है यह यात्रा सिर्फ एक चुनावी प्रक्रिया नहीं है, यह एक जन जागरूकता आंदोलन है।
यात्रा का संदेश- क्या हम तैयार हैं?
बिहार के लोग अपने अधिकारों को नहीं छोड़ेंगे! यह संदेश वोटर अधिकार यात्रा के हर कदम के साथ गूंज रहा है। जब राहुल गांधी ने कहा, आज हमारे पास केवल एक वोट बचा है, अगर यह भी चला गया तो कुछ नहीं बचने वाला, तो यह सिर्फ एक नारा नहीं था, बल्कि यह हमारे दिल की आवाज थी। यह यात्रा हमें यह समझाती है कि हमारी वोटिंग शक्ति ही हमारे सबसे बड़े अधिकारों की रक्षा कर सकती है।

आज, हम जो कदम उठा रहे हैं, वह सिर्फ आज के चुनावों के लिए नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में हमारे बच्चों के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमे यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी नागरिक अपने वोट से वंचित न हो। इस यात्रा में लोग घोड़े पर सवार होकर, झंडे लेकर, पैदल चलते हुए सिर्फ एक ही बात कह रहे हैं हमारा वोट हमारी ताकत है, और हम इसे किसी को भी छीनने नहीं देंगे!
यात्रा सिर्फ शुरुआत है
अब सवाल यह उठता है कि क्या हम इस यात्रा का हिस्सा बनेंगे? क्या हम अपनी अगली पीढ़ी के लिए, अपने लोकतंत्र के लिए इस लड़ाई को जीतने के लिए तैयार हैं? ‘वोटर अधिकार यात्रा’ सिर्फ एक शुरुआत है, लेकिन यह हमें अपनी जिम्मेदारी का अहसास दिलाती है। यह हमें बताती है कि यदि हमें अपना लोकतांत्रिक अधिकार बचाना है, तो हमें एकजुट होना होगा और खुद को जागरूक रखना होगा।
Read More :- ITR-फाइलिंग, 1 महीने से भी कम टाइम बचा है, फिर लगेगा जुर्माना
Watch Now :- भोपाल में 92 करोड़ का ड्रग्स जब्त – क्या जिम्मेदार वही !
