Vitamin B12 Deficiency: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खानपान के चलते विटामिन बी12 की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है। शाकाहारी जीवनशैली, प्रोसेस्ड फूड का बढ़ता चलन और पोषण की अनदेखी ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। विटामिन बी12 शरीर के लिए एक अत्यंत आवश्यक पोषक तत्व है जो न केवल तंत्रिका तंत्र की सेहत के लिए जरूरी है, बल्कि लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और डीएनए सिंथेसिस में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
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इस लेख में हम जानेंगे कि विटामिन बी12 की कमी क्यों होती है, इसके लक्षण क्या हैं, और इसे प्राकृतिक एवं चिकित्सकीय तरीकों से कैसे दूर किया जा सकता है।
क्या है विटामिन B12?
विटामिन बी12, जिसे कोबालामिन (Cobalamin) भी कहा जाता है, एक जल में घुलनशील विटामिन है जो मुख्य रूप से पशु-उत्पादों में पाया जाता है। यह विटामिन मस्तिष्क की कार्यक्षमता, तंत्रिका तंत्र के रखरखाव और रक्त निर्माण में मदद करता है। इसकी कमी से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

विटामिन B12 की कमी के प्रमुख कारण…
शाकाहारी या वीगन डाइट..
बी12 केवल पशु उत्पादों में पाया जाता है, जैसे दूध, दही, अंडा, मांस, मछली आदि। शाकाहारी और विशेष रूप से वीगन लोग इसकी कमी के सबसे बड़े शिकार होते हैं।
पाचन संबंधी समस्याएं…
जैसे कि पेट में एसिड की कमी (हाइपो-क्लोरहाइड्रिया), सीलिएक रोग या क्रोहन डिजीज से शरीर विटामिन बी12 को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता।
बढ़ती उम्र…
उम्र के साथ पाचन क्षमता कम होने के कारण भी बी12 का अवशोषण घटता है।
दवाइयों का सेवन…
एंटासिड्स, मेटफॉर्मिन (डायबिटीज की दवा), और कुछ प्रकार के एंटीबायोटिक्स B12 के अवशोषण को प्रभावित करते हैं।
शराब और धूम्रपान..
अत्यधिक सेवन से शरीर में B12 की कमी हो सकती है।
गर्भावस्था या स्तनपान…
इस दौरान महिलाओं को अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता होती है, और यदि संतुलित आहार ना मिले तो कमी हो सकती है।
विटामिन B12 की कमी कैसे करें दूर?
भोजन के माध्यम से…
शरीर को पर्याप्त विटामिन B12 देने के लिए अपने आहार में निम्न खाद्य पदार्थ शामिल करें:
1. डेयरी उत्पाद: दूध, दही, पनीर
2. अंडे: विशेषकर अंडे की जर्दी
3. मछली और समुद्री आहार: ट्यूना, साल्मन, सार्डीन
4. मांस: चिकन, रेड मीट, लिवर
5. फोर्टीफाइड फूड्स: जैसे कि B12 से समृद्ध अनाज, सोया मिल्क, वेगन मिल्क

शाकाहारी लोगों के लिए फोर्टीफाइड फूड्स और सप्लीमेंट्स का सेवन विशेष रूप से आवश्यक है क्योंकि प्राकृतिक रूप से B12 शुद्ध शाकाहारी स्रोतों में नहीं पाया जाता।
सप्लीमेंट्स और दवाइयां..
यदि आहार से पर्याप्त विटामिन B12 नहीं मिल पा रहा है, तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स लेना जरूरी हो सकता है। ये निम्न प्रकार के होते हैं:
1. ओरल टैबलेट्स
2. सबलिंगुअल टैबलेट्स (जीभ के नीचे रखी जाने वाली गोलियां)
3. इंजेक्शन (गंभीर मामलों में बी12 इंजेक्शन दिए जाते हैं)
इनका उपयोग केवल चिकित्सकीय सलाह के अनुसार करना चाहिए क्योंकि ज्यादा डोज़ भी नुकसान पहुंचा सकती है।
जीवनशैली में बदलाव..
1. अत्यधिक शराब और धूम्रपान से बचें।
2. संतुलित और विविध आहार अपनाएं।
3. पाचन तंत्र को स्वस्थ रखें, कब्ज, एसिडिटी जैसी समस्याओं का समय रहते इलाज करवाएं।
4. नियमित हेल्थ चेकअप करवाएं, विशेष रूप से अगर आप शाकाहारी हैं या उम्रदराज हैं।
Note – उपरोक्त जानकारी विभिन्न स्त्रोतो से ली गई है, कृपया अप्लाई करने से पहले लें किसी एक्सपर्ट की सलाह।
