Violence in Guna on Hanuman Jayanti : BJP पार्षद समेत 8 लोगों पर FIR,लगे ये आरोप
Violence in Guna on Hanuman Jayanti : गुना में हुई हिंसा मामले में 8 एफआईआर दर्ज हुई हैं. दो एफआईआर में बीजेपी पार्षद का नाम है. इसके अलावा कई अन्य आरोपियों को भी नामजद किया गया है.
बीजेपी पार्षद पर FIR
मध्य प्रदेश के गुना में हनुमान जयंती जुलूस के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा में बड़ा मोड़ सामने आया है. एक पुलिस अधिकारी की शिकायत पर जो एफआईआर हुई है उसके मुताबिक, बीजेपी पार्षद ओम प्रकाश कुशवाहा और उनके सहयोगियों को कर्नलगंज मस्जिद के पास भड़काऊ नारेबाजी और माहौल को उग्र करने का आरोपी बनाया गया है.
हनुमान जयंती पर हुई थी हिंसा
12 अप्रैल को हुई इस घटना में दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. अब तक कुल आठ एफआईआर दर्ज हुई हैं और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन एनडीटीवी को एक्सक्लूसिव तौर पर मिली जानकारी के अनुसार तीन एफआईआर गंभीर धाराओं के तहत दर्ज की गई हैं. पहली शिकायत बीजेपी पार्षद ओम प्रकाश कुशवाहा ने 12 अप्रैल को रात 10:56 बजे दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि हनुमान जयंती जुलूस पर कर्नलगंज मस्जिद के पास पत्थर और हथियारों से हमला हुआ. एफआईआर में विक्की खान, गुड्डू खान, तौफीक खान और 15–20 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. इन पर बीएनएस की धाराएं 109, 296, 324(4), 125, 191(2), 190 और 115(2) लगाई गई.
ये हैं आरोप
ये धाराएं अपराध में उकसाने, गंभीर अपराध की कोशिश, सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने, धमकी देने, सरकारी काम में बाधा, अवैध जमावड़े और खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाने से जुड़ी हैं. कुशवाहा का दावा है कि पिछले वर्षों की तरह ही जुलूस निकाला गया, लेकिन इस बार उसे रोका गया और उस पर हमला हुआ. मस्जिद के पास बज रहे डीजे को लेकर विवाद हुआ, जिससे पथराव शुरू हुआ और गोली चलने तक की नौबत आई. कई लोग घायल हुए और वाहनों को नुकसान पहुंचा. उन्होंने इसे एक साजिश बताया है.
14 अप्रैल को बीजेपी पार्षद पर केस दर्ज
14 अप्रैल की रात 8:45 बजे, गुना पुलिस ने असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर महेश लाकड़ा की शिकायत पर जो एफआईआर दर्ज की है, उसमें बीजेपी पार्षद ओम प्रकाश कुशवाहा और 10–15 अन्य लोगों के खिलाफ बीएनएस की धाराएं 191(2), 299 और 132 के तहत एक और एफआईआर दर्ज की. इसमें जुलूस को ही हिंसा का कारण बताया गया है.
तेज बजता रहा डीजे, दी गई गालियां
पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन जुलूस में मदीना मस्जिद के सामने तेज आवाज में डीजे बजता रहा, गालियां दी गईं और धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाले नारे लगाए गए. बाद में, कुशवाहा और उनके साथियों ने कथित तौर पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई. लकड़ा ने यह रिपोर्ट 14 अप्रैल को दर्ज की.ये धाराएं सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने से संबंधित हैं.
Click this:- Download Our News App For Latest Update and “Follow” whatsapp channel
Read More:- Baby Elephant Viral: मां ने दिया सहारा नन्हें हाथी ने जीत ली जंग
Watch Now:- Nation Mirror सरकार से करता है अपील ‘अवैध को करें वैध
