Vikramaditya Vedic Clock: मध्यप्रदेश की राजधानी एक ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार सुबह 11 बजे विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अनावरण और इसका मोबाइल ऐप लोकार्पण करेंगे. यह आयोजन सिर्फ तकनीक और परंपरा का संगम ही नहीं होगा, बल्कि युवाओं के लिए एक प्रेरक संदेश भी लेकर आएगा.

Vikramaditya Vedic Clock: अनावरण और युवा संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 11 बजे विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अनावरण करेंगे और इसके मोबाइल ऐप को लॉन्च करेंगे. इसी मौके पर “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी: भारत के समय की पुनर्स्थापना की पहल” विषय पर युवा संवाद कार्यक्रम होगा.
Vikramaditya Vedic Clock: वैदिक घड़ी की खासियत
यह विश्व की पहली घड़ी है जो भारतीय काल गणना पद्धतियों पर आधारित है. लखनऊ स्थित आरोहण संस्था के इंजीनियर आरोह श्रीवास्तव और उनकी टीम ने इस घड़ी का विकास किया है…
Vikramaditya Vedic Clock: 24 घंटे की जगह 30 मुहूर्त है…
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी में पारंपरिक 24 घंटे की जगह 30 मुहूर्त होते हैं, जिनमें प्रत्येक मुहूर्त 48 मिनट का होता है… यह सूर्योदय से सूर्योदय तक के समय को मापती है और पंचांग, नक्षत्र, योग, करण, व्रत, त्यौहार, मौसम, ग्रह-नक्षत्र स्थिति, शुभ मुहूर्त और कृषि संबंधित भविष्यवाणियों जैसी जानकारी प्रदान करती है… यह घड़ी भारतीय समय पद्धतियों को पुनः स्थापित करने का महत्वपूर्ण कदम है… इस घड़ी के साथ ही एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है. यह ऐप 189 भाषाओं में उपलब्ध है.
वैदिक समय, सूर्य उदय-अस्त की मिलेगी जानकारी
Vikramaditya Vedic Clock: इसके माध्यम से उपयोगकर्ता वैदिक समय, सूर्य उदय-अस्त, 30 मुहूर्तों की जानकारी, शुभ-अशुभ मुहूर्त, मौसम की जानकारी, तापमान, हवा की गति, आर्द्रता, GMT और IST समय जान सकते हैं. धार्मिक कार्यों, व्रत और साधना के लिए अलार्म और नोटिफिकेशन की सुविधा भी ऐप में उपलब्ध है. विक्रमादित्य वैदिक घड़ी न केवल भारतीय संस्कृति और विज्ञान का प्रतीक है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय समय पद्धतियों की पहचान को भी मजबूत करेगी.
पीएम मोदी ने उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का किया था उद्घाटन
Vikramaditya Vedic Clock: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल को भारतीय संस्कृति और विज्ञान के अद्भुत संगम के रूप में प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि यह घड़ी भारतीय समय पद्धतियों की पुनर्स्थापना और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 फरवरी 2024 को उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का उद्घाटन किया था, जिसे देश और दुनिया में अच्छा प्रतिसाद मिला.
