विजय माल्या, जो वर्तमान में ब्रिटेन में रह रहे हैं, ने अरुण जेटली को बताकर ही जेनेवा जाने का दावा किया है। एक पॉडकास्ट में यह बयान देते हुए माल्या ने अपनी यात्रा से संबंधित कई अहम खुलासे किए। उन्होंने कहा, “मैं देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिला और उन्हें बताया कि मैं जेनेवा एक मीटिंग के लिए जा रहा हूं।”
माल्या ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि भगोड़ा कहे जाने पर वह दुखी हैं और खुद को निर्दोष मानते हैं। साथ ही, उन्होंने किंगफिशर एयरलाइंस की विफलता के लिए सार्वजनिक माफी भी मांगी।
🕵️♂️ माल्या का दावा: “जेटली को बताकर ही गया था”
माल्या ने दावा किया कि वह जेनेवा में आयोजित FIA वर्ल्ड काउंसिल मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे, और उन्होंने अपने यात्रा कार्यक्रम के बारे में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली को पहले ही बता दिया था।
माल्या के शब्दों में:
“मैंने जेटली से कहा कि मैं एक मीटिंग के लिए जा रहा हूं और वापस आकर बैंकों के साथ बैठकर सारे मामलों का समाधान करूंगा। लेकिन क्या हुआ? मेरा पासपोर्ट निरस्त कर दिया गया और मैं वापस नहीं आ सका।”
विजय माल्या ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कभी भी भारत से भागना नहीं था, बल्कि उन्होंने तय कार्यक्रम के अनुसार यात्रा की थी। उनका कहना था कि जब उन्होंने एयरपोर्ट से संसद तक के रास्ते पर जेटली को जानकारी दी थी, तो मीडिया ने इसे एक अलग नजरिए से प्रस्तुत किया।
💥 “पासपोर्ट रिवोक किया गया, बिना पासपोर्ट कैसे आता?”
माल्या ने यह भी सवाल उठाया कि अगर उन्हें भगोड़ा माना जा रहा था तो क्या बिना पासपोर्ट के वह अंतरराष्ट्रीय यात्रा कर सकते थे?
उनके अनुसार, उन्होंने ED (एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट) के समन का उत्तर दिया था और यह भी कहा कि वह सीबीआई के सामने पेश होने के लिए तैयार थे। लेकिन जब उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया, तो उनका वापस आना संभव नहीं हो पाया।
🧐 अरुण जेटली ने अपना बयान क्यों बदला?
माल्या ने यह भी आरोप लगाया कि अरुण जेटली ने मीडिया के दबाव में अपना बयान बदल लिया था।
“जब मीडिया में यह खबर आई कि मैं जेटली से मिला था, तो उन्हें सफाई देनी पड़ी और उन्होंने कहा कि वह मुझसे मिलने के लिए केवल कुछ ही समय के लिए आए थे, और न ही मैंने उनके ऑफिस में कोई बैठक की थी।”
💼 किंगफिशर एयरलाइंस पर माफी
किंगफिशर एयरलाइंस के विफल होने के बाद, माल्या ने पहली बार सार्वजनिक रूप से इस पर माफी भी मांगी। उन्होंने कहा, “मैं किंगफिशर एयरलाइंस की विफलता के लिए सभी से माफी मांगता हूं। यह मेरे लिए एक कठिन अनुभव था।”
माल्या ने कहा कि किंगफिशर के लिए लिए गए कर्ज के बावजूद, बैंक ने उसे वापस नहीं किया और उसी समय उन्हें प्रणव मुखर्जी की गलत सलाह भी मिली, जिससे उनका व्यापार और भी प्रभावित हुआ।
📜 माल्या की सोशल मीडिया पर बधाई और ट्रोलिंग
हाल ही में, माल्या ने RCB (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) को उनकी IPL ट्रॉफी जीत पर बधाई दी थी, जिस पर सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें “घर आ जाओ परदेसी” जैसे तंज किए और उनकी वापसी की मांग की।
माल्या की यह पोस्ट वायरल हो गई, और कुछ यूजर्स ने उन्हें “चोर” कहकर ट्रोल किया। हालांकि, माल्या ने ट्रोलिंग को नजरअंदाज किया और अपनी बधाई जारी रखी।
💸 ED से राहत की मांग: क्या हैं विजय माल्या के तर्क?
माल्या ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) से राहत की मांग की। उनके मुताबिक, बैंकों ने उनकी किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज से कहीं ज्यादा राशि वसूल की है।
“बैंक और ED ने कुल कर्ज से कहीं अधिक रकम वसूली है और फिर भी मुझे अपराधी करार दिया जा रहा है। मुझे लगता है कि मैं राहत पाने का हकदार हूं।”
🏛️ माल्या का मामला – भारत लौटने की संभावना?
विजय माल्या 2016 में भारत से ब्रिटेन भाग गए थे और 2019 में भगोड़ा घोषित हुए थे। भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है, लेकिन माल्या का कहना है कि उन्हें न्याय मिलेगा और वह देश लौटने के लिए तैयार हैं, बशर्ते निष्पक्ष जांच हो।
🔎 विजय माल्या की सफाई और संभावित भविष्य
माल्या के पॉडकास्ट में दिए गए बयान उनके पक्ष को सामने लाते हैं, लेकिन इस मामले में सच्चाई क्या है, यह केवल निष्पक्ष जांच से ही पता चल पाएगा। फिलहाल, माल्या के लिए यह मामला केवल वित्तीय अनियमितताओं और भगोड़े की छवि से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसमें राजनीतिक और कानूनी पहलू भी शामिल हैं।
क्या विजय माल्या की वापसी संभव होगी?
यह आने वाले समय में वित्तीय और कानूनी प्रक्रियाओं के साथ स्पष्ट होगा। भारत और ब्रिटेन के बीच आपराधिक मामलों में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी एक बड़ा सवाल बनी हुई है।
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