Vidisha News : विदिशा में बेटे ने फांसी लगाकर की खुदकुशी
Vidisha News : मध्यप्रदेश के विदिशा जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक 20 वर्षीय युवक ने सिर्फ इसलिए अपनी जान दे दी, क्योंकि उसे मां के हाथ का बना मुर्गा खाने को नहीं मिला। युवक ने मुर्गा खुद बाजार से खरीदकर लाया था, लेकिन जब मां ने थकान के कारण बनाने से मना कर दिया, तो उसने खुदकुशी जैसा खौफनाक कदम उठा लिया।
एक ‘मां के हाथ के खाने’ से जुड़ी ट्रैजेडी
यह घटना ग्यारसपुर तहसील के हैदरगढ़ थाना क्षेत्र की है।मृतक युवक की पहचान करण सिंह अहिरवार के रूप में हुई है। करण उस दिन बाजार से खासतौर पर मुर्गा खरीदकर लाया था और उसने अपनी मां से कहा, “आज मुर्गा बनाओ।” लेकिन मां ने किसी कारणवश मना कर दिया।आमतौर पर भारतीय घरों में ऐसा होता है—मां का मना करना, बच्चे की नाराजगी, और फिर सबकुछ सामान्य हो जाना। लेकिन इस बार कहानी ने दर्दनाक मोड़ ले लिया।
भाई ने बनाया मुर्गा, पर बेटे को चाहिए था ‘मां के हाथ का स्वाद’
करण ने जब देखा कि मां नहीं बना रही, तो उसने मुर्गा अपने भाई को पकाने को दे दिया। भाई ने व्यंजन तैयार भी किया और करण को परोसा भी गया, लेकिन करण इस बात से आहत था कि यह मां के हाथ का नहीं था।बस इतनी सी बात पर बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
बचाने की कोशिश नाकाम
परिजनों ने करण को फांसी के फंदे पर लटका देखा और तुरंत नीचे उतारा। पहले उसे ग्यारसपुर स्वास्थ्य केंद्र, फिर विदिशा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों की कोशिशें बेकार गईं और करण की मौत हो गई।हैदरगढ़ चौकी प्रभारी एस.के. शर्मा ने बताया कि यह मामला पूरी तरह से घरेलू तनाव का प्रतीत होता है और कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं पाया गया।करण के भाइयों का कहना है कि वह बिल्कुल नॉर्मल व्यवहार कर रहा था और किसी प्रकार के मानसिक तनाव के संकेत नहीं थे।
विशेषज्ञों की चेतावनी: छोटी बातों को नजरअंदाज न करें
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं संकेत हैं कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। भावनात्मक रूप से अस्थिर या संवेदनशील व्यक्ति किसी मामूली बात को भी जीवन-मरण का मुद्दा बना सकते हैं।
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