मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में कांग्रेस विधायक महेश सेना पटेल के बेटे पुष्पराज पटेल पर गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों को कार से कुचलने की कोशिश का गंभीर आरोप लगा है। घटना 13 जुलाई देर रात की है, जब बस स्टैंड चौराहे पर तेज रफ्तार SUV पुलिसकर्मियों की ओर दौड़ गई। कार में विधायक का बेटा सवार था और वाहन पर नंबर प्लेट तक नहीं थी। पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पुलिसकर्मियों को रौंदते हुए बिजली के खंभे से टकराई SUV
घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कॉन्स्टेबल राकेश गुजरिया और राकेश अनारे बस स्टैंड क्षेत्र में नियमित गश्त कर रहे थे। उसी समय एक तेज रफ्तार SUV (बिना नंबर प्लेट वाली) उनकी दिशा में आती दिखी। जब कॉन्स्टेबल अनारे ने हाथ उठाकर वाहन को रोकने का इशारा किया, तभी चालक ने वाहन उनकी ओर मोड़ दिया।
तेज रफ्तार SUV को अपनी ओर आता देख दोनों कांस्टेबल जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। लेकिन अनारे को बचने का पूरा मौका नहीं मिला और कार उसकी टांग को चपेट में लेते हुए सीधे सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराई। हादसे में कांस्टेबल अनारे घायल हो गया और उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
CCTV में कैद पूरी घटना, कार में पुष्पराज पटेल की पहचान
घटना के बाद जब CCTV फुटेज खंगाले गए, तो उसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि गाड़ी चालक का चेहरा पुष्पराज पटेल से मेल खा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भी, कार चला रहा युवक वही था। सूत्रों के मुताबिक, पुष्पराज पटेल आलीराजपुर के जोबट क्षेत्र से कांग्रेस विधायक महेश सेना पटेल का बेटा है और पहले भी उस पर कई आपराधिक आरोप लग चुके हैं।
पुलिस मौन, कार्रवाई से बचती नजर आ रही है
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। पीड़ित पुलिसकर्मियों और उनके सहयोगियों से मीडिया ने जब बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चूंकि मामला एक सत्तारूढ़ दल के विधायक पुत्र से जुड़ा है, इसलिए पुलिस पर राजनीतिक दबाव है और अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं। हालांकि आला अधिकारियों ने मामले की जांच की बात कही है।
पहले भी विवादों में रह चुका है पुष्पराज पटेल
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विधायक पुत्र का नाम विवादों में आया हो। पिछले वर्ष उस पर एक 25 वर्षीय युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था। युवती की खुदकुशी के बाद पुलिस ने आरोपी पुष्पराज पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धाराओं में केस दर्ज किया था, लेकिन उसमें भी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
विपक्ष ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के वायरल होते ही राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने इसे कानून व्यवस्था की विफलता बताते हुए सरकार और प्रशासन पर हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
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