स्वास्थ्य को बताया इस्तीफे का कारण
Vice President Jagdeep Dhankhar Resignation: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि वह डॉक्टरों की सलाह और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं। उनका यह इस्तीफा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत स्वीकार किया गया है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को जताया आभार

धनखड़ ने अपने इस्तीफे में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद का आभार जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने उन्हें लगातार सहयोग और शांतिपूर्ण कार्य का वातावरण प्रदान किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें मूल्यवान मार्गदर्शन और सीख मिली। यह अनुभव उनके लिए बेहद सम्मानजनक रहा।
सांसदों और लोकतंत्र के लिए जताई भावनाएं
धनखड़ ने संसद के सदस्यों के प्रति भी कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा कि सांसदों से उन्हें जो स्नेह, विश्वास और अपनापन मिला, वह उनकी स्मृतियों में सदैव अंकित रहेगा। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र को महान बताते हुए इसे सेवा का अमूल्य अवसर माना।
भारत की प्रगति को बताया गौरवपूर्ण अनुभव
अपने पत्र में धनखड़ ने लिखा कि भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक विकास का साक्षी बनना उनके लिए गर्व की बात रही। उन्होंने इसे देश के लिए एक परिवर्तनकारी युग बताया और कहा कि ऐसे समय में सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा।
कार्यकाल के पूर्व समापन से बढ़ी राजनीतिक हलचल
Vice President Jagdeep Dhankhar Resignation: ध्यान देने वाली बात यह है कि जगदीप धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त, 2027 को समाप्त होना था… लेकिन उन्होंने उससे पहले ही इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल को जन्म दे दिया है। पेशे से वकील और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल रहे धनखड़ 14वें उपराष्ट्रपति थे। उन्होंने हाल ही में यह भी कहा था कि ईश्वर की कृपा रही तो वह अगस्त 2027 में सेवानिवृत्त होंगे।
