‘मुझे गिरफ्तार करके दिखाओ, मैं इंतजार कर रहा हूं!’

हाल ही में, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को एक खतरनाक चुनौती दी है। एक सार्वजनिक भाषण में मादुरो ने कहा, “मुझे गिरफ्तार करने आओ, मैं यहीं मिराफ्लोरेस (राष्ट्रपति भवन) में तुम्हारा इंतजार करूंगा। देर मत करना कायरों।” यह बयान उस समय आया जब अमेरिका ने मादुरो पर 420 करोड़ रुपये (50 मिलियन डॉलर) का इनाम रखा था और उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए थे।
मादुरो का यह बयान अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ती राजनीतिक तनातनी का प्रतीक बन गया है, और इसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है। आइए, हम आपको इस मामले की पूरी कहानी बताते हैं।
मादुरो पर अमेरिका का 50 मिलियन डॉलर का इनाम
ट्रम्प प्रशासन ने मादुरो पर नार्को-टेररिज्म (कोकीन तस्करी और मादक पदार्थों के व्यापार) के गंभीर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मादुरो और उनकी सरकार अमेरिका में फेंटानाइल मिला कोकीन भेजने के लिए ड्रग कार्टेल के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ट्रम्प प्रशासन का आरोप है कि मादुरो के पास 7 टन कोकीन है, जिसे वह अमेरिका भेजने की तैयारी कर रहे हैं। इसी के चलते अमेरिकी सरकार ने मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है, जो उनकी गिरफ्तारी के लिए है।
यह वही राशि है जो पहले ओसामा बिन लादेन की गिरफ्तारी के लिए रखी गई थी, जिससे आप समझ सकते हैं कि यह इनाम कितना बड़ा है और अमेरिका की नजर में मादुरो की स्थिति क्या है।
मादुरो की प्रतिक्रिया: ‘अमेरिका को मिलेगा करारा जवाब’
मादुरो ने काराकस में एक रैली के दौरान अमेरिका को करारा जवाब देने की धमकी दी। उन्होंने कहा, “अगर अमेरिकी नेता हमारे घरेलू मामलों में दखल देंगे, तो हम उन्हें ऐसा जवाब देंगे, जिससे उनके साम्राज्य का अंत हो सकता है।” उनके इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि मादुरो किसी भी प्रकार की विदेश नीति में हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

मादुरो के समर्थन में वेनेजुएला की सेना भी खड़ी है। सेना प्रमुख डोमिंगो हर्नांडेज़ लारेज ने कहा, “अमेरिका हमारे राष्ट्रपति के लिए इनाम घोषित करता है, यह हमारे लिए अपमानजनक है।” उन्होंने यह भी कहा कि वे वेनेजुएला के राष्ट्रपति के साथ हैं और उन्हें कभी भी सत्ता से बेदखल नहीं किया जा सकता।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वेनेजुएला की स्थिति
इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में वेनेजुएला की स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। अमेरिका का आरोप है कि मादुरो ने अपने देश को एक ड्रग-तस्करी हब में बदल दिया है। वहीं, मादुरो ने इन आरोपों को राजनीतिक दुष्प्रचार और अमेरिका का विरोधी अभियान बताया है। उनके अनुसार, अमेरिका ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक खलनायक के रूप में पेश किया है, जो पूरी दुनिया में राजनीतिक प्रभाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
नार्को-टेररिज्म के आरोप और मादुरो का विरोध
वर्ष 2020 में मादुरो पर नार्को टेररिज्म के आरोप लगाए गए थे, जब अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया था कि मादुरो और उनके सहयोगी अमेरिकी बाजारों में कोकीन और अन्य ड्रग्स की तस्करी कर रहे हैं। इससे पहले भी, मादुरो पर कई आरोप लगे थे, लेकिन इस बार अमेरिका का इरादा उन्हें गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार करने का है।
मादुरो ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा, “यह सब केवल अमेरिकी प्रचार का हिस्सा है।” उनका कहना है कि वे संप्रभु देश के रूप में अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे और अमेरिका की दखलअंदाजी को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।

क्या मादुरो को गिरफ्तार किया जाएगा?
अभी के लिए यह सवाल उठता है कि क्या ट्रम्प प्रशासन मादुरो को गिरफ्तार करने के लिए कदम उठाएगा? मादुरो की गिरफ्तारी की संभावना पर विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक राजनीतिक चाल हो सकती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में इस तरह के बयान अक्सर मीडिया प्रचार के लिए होते हैं। हालांकि, एक बात तो साफ है कि मादुरो और ट्रम्प प्रशासन के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है, और आने वाले दिनों में यह और गंभीर हो सकता है।
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