वीर बाल दिवस कब है: भारत में हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाया जाता है, लेकिन कुछ राज्यों में शीतकालीन छुट्टी होने की वजह से इस दिवस को 24 दिसंबर को मनाया जा रहा है, जिससे बच्चे उन शहिदों के बारें में जान सके जिनकी याद में ये दिन मनाया जाता है।
वीर बाल दिवस कब है: क्यों मनाते हैं वीर बाल दिवस?
बताया जाता है, कि यह एक ऐतिहासिक दिन है, जो सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बच्चों की शहादत की याद में मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों में कई सारी प्रतियोगिताएं होती हैं। और उन्हें इन शहीदो के बारें में बताया जाता है।
वीर बाल दिवस कब है: क्या है इतिहास?
सिक्ख के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी वो सिखों के महान गुरु थे। वो हमेशा अन्याय के खिलाफ खड़े रहते थे।
सन 1705 में पंजाब शहर में मुगल शासकों ने अत्याचार करना शुरु कर दिया, और गुरु गोबिंद जी को ढ़ूढने लगे। गुरु गोबिंद जी के चार पुत्र – साहिबजादा अजित सिंह, साहिबजादा जुझार सिंह, साहिबजाबदा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह थे, जिसमें से दो जो बड़े बेटे थे , साहिबजाादा अजित सिंह और जुझार सिंह वो मुगलों से लड़ाई करने गए और दोनों शहीद हो गए, वहीं दोनों छोटे बेटे माता गोबिंद सिंह जी की माता गुजरी के साथ भेजा था, वो छुपकर जोरावर सिंह और फतेह सिंह के साथ रहती थी।

लेकिन मुगलों ने उन्हें भी ढूढ़ निकाला और मुगलों ने उन दोनों से कहा कि अपना धर्म छोड़ दो लेकिन दोनों ने मना कर दिया, जिसके बाद दोनों को दीवार में चुनवा दिया गया। इस बात की खबर जैसे माता गुजरी के पास पहुंच उन्होंने अपनी जान दे दी।
कब से ‘वीर बाल दिवस’ की हुई शुरुआत?
साल 2022 में भारत सरकार ने हर साल इन वीरों की शहादत की याद में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की तभी से यह दिवस भारत में हर साल मनाया जाता है।
