नया विधेयक मौजूदा मनरेगा की जगह लेगा और ग्रामीण परिवारों को सालाना 125 दिन का रोजगार देने की गारंटी देता है, जो पहले 100 दिन थी।
पूरी रात धरना
VB-G RAM G बिल के पेश किए जाने से ही सदन में हंगामा जारी है। दोनों सदनों में इस बिल को लेकर भरपूर हंगामा देखने को मिला। बिल पास होने के बाद विपक्षी सांसदों ने आधी रात संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। तृणमूल कांग्रेस के सांसद पुरानी संसद के बाहर पूरी रात धरने पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विधेयक को सेलेक्ट कमिटी को भेजने की मांग
राज्यसभा में बिल पर आधी रात तक चर्चा हुई। इससे पहले विपक्ष ने विधेयक को सेलेक्ट कमिटी को भेजने की मांग की, लेकिन मांग स्वीकार नहीं की गई। इस कारण विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।
VB-G RAM G Bill Pass: ‘मां की कसम..’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्रवाई के दौरान कहा कि मैं अपनी मां की और भारत मां की कसम खाकर कहता हूं कि ये बिल गरीबों की भलाई के लिए नहीं है।
सत्र के आखिरी दिन सांसद राहुल गांधी ने कहा- मोदी सरकार ने एक दिन में MGNREGA के 20 सालों को खत्म कर दिया। बिल बिना जांच-पड़ताल के संसद में पास कर दिया गया। PM के लक्ष्य साफ है। ग्रामीण भारत, खासकर पिछड़े वर्गों को कमजोर करना, सत्ता को केंद्रीकृत करना और फिर सुधार के नाम पर नारे बेचना।
प्रदूषण पर चर्चा क्यों नहीं?
इधर, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- संसद का सत्र इतने दिनों से चल रहा है लेकिन आखिरी दिनों में कुछ बिल लेकर आते हैं और उसके लिए कम वक्त रखते हैं। उसे हड़बड़ी में पास करते हैं। उन्होंने कहा- दिल्ली के प्रदूषण पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती? चर्चा होनी चाहिए, सबकी बात सुननी चाहिए।
लोकसभा सांसदों की मीटिंग
VB-G RAM G Bill Pass: लोकसभा की कार्रवाई सुबह 11 बजे शुरू हुई थी। लेकिन वंदेमातरम के तुरंत बाद अध्यक्ष ने इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। ओम बिरला ने कहा कि सत्र के दौरान सदन की उत्पादकता 111 प्रतिशत रही।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शीतकालीन सत्र के खत्म होने के बाद संसद भवन में पार्टियों के नेताओं और लोकसभा सांसदों के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में PM नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे।
