मुख्य द्वार है ऊर्जा का केंद्र
Vastu warning for shoe placement: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार केवल आने-जाने का रास्ता नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है. इसे “घर का मुख” भी कहा जाता है। अगर यहां अव्यवस्था हो, गंदगी हो या जूते-चप्पल रखे हों, तो यह शुभ ऊर्जा के प्रवाह में बाधा डालता है.
जूते-चप्पल रखने की ये आदत मानी जाती है अशुभ
अक्सर देखा जाता है कि लोग दरवाजे के बाहर या ठीक सामने जूते-चप्पल उतारकर रख देते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार यह आदत मां लक्ष्मी का अपमान मानी जाती है. इससे घर में तनाव, आर्थिक संकट और मानसिक अस्थिरता की संभावना बढ़ जाती है.
read more: केवल साढ़े तीन घंटे खुलता है देवी वाराही का यह अद्भुत मंदिर, काशी में छिपा है चमत्कारी रहस्य
कहां रखें जूते-चप्पल? जानिए सही दिशा
वास्तु में जूते-चप्पल रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा को उपयुक्त बताया गया है. जूता-रैक को हमेशा ढका हुआ और स्वच्छ रखें. खुले में गंदे जूते रखने से नकारात्मक ऊर्जा घर में फैल सकती है, जिससे रोग और विवाद बढ़ते हैं.
जूते उतारने का भी है अपना शिष्टाचार
भारतीय परंपरा में घर में प्रवेश करने से पहले जूते-चप्पल उतारना सिर्फ स्वच्छता के लिहाज से नहीं, बल्कि ऊर्जा संतुलन के लिए भी जरूरी माना गया है. इससे घर में सात्विकता बनी रहती है और बाहरी नकारात्मकता अंदर प्रवेश नहीं कर पाती.
मुख्य द्वार को रखें सदा शुभ और स्वच्छ
Vastu warning for shoe placement: मुख्य द्वार को रोज़ाना साफ करें और वहां पर स्वस्तिक, ॐ या मंगल कलश जैसे शुभ चिन्ह बनाएं. इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है. साथ ही दरवाजे पर हल्की सुगंध या दीपक भी वातावरण को शुद्ध करता है।
read more: जातीय जनगणना पर मचा सियासी घमासान, MP में बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने
