Skip to content
nationmirror.com

Nationmirror.com

Primary Menu
  • देश-विदेश
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • गुजरात
  • राजस्थान
  • बिहार
  • झारखंड
  • जुर्म गाथा
  • खेल
  • फाइनेंस
  • ENTERTAINMENT
  • सनातन
  • Lifestyle
  • Infotainment
Video
  • Home
  • Top Story
  • Vande Mataram को 150 साल पूरे, लोकसभा में चर्चा
  • Top Story
  • देश-विदेश

Vande Mataram को 150 साल पूरे, लोकसभा में चर्चा

Taruna Samariya December 8, 2025

संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन लोकसभा में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर चर्चा की जानी है। इसके लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चर्चा की शुरुआत करेंगे।

सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री भी हिस्सा लेंगे। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की तरफ से पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी और लोकसभा में उपनेता प्रतिपक्ष गौरव गोगोई समेत 8 सांसद बोलेंगे। इनके अलावा अन्य दलों के सांसद अपनी बात रखेंगे।इसके बाद अगले दिन राज्यसभा में भी इसी मुद्दे पर बहस होगी, जिसकी शुरुआत गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।

Vande Mataram: बंकिम चंद्र चटर्जी कौन थे

बंकिम चंद्र चटर्जी (चट्टोपाध्याय) भारत के एक महान बंगाली लेखक, कवि, पत्रकार और राष्ट्रवादी विचारक थे, जिन्हें ‘साहित्य सम्राट’ कहा जाता है; उन्होंने भारत के राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” की रचना की, जो स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणास्रोत बना, और अपने उपन्यास ‘आनंदमठ‘ के लिए प्रसिद्ध हैं, जिसने राष्ट्रीय भावना को जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

READ MORE :झज्जरः 29,000 फीट तक उड़ने वाला बार-हेडेड हंस बना आकर्षण

150 साल पूरे होने पर कार्यक्रम

राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के मौके पर भारत सरकार की ओर से सालभर का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। 2 दिसंबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों के प्रतिनिधियों की मीटिंग बुलाई थी। इसमें तय किया गया था कि वंदे मातरम को लेकर 8 दिसंबर को लोकसभा और 9 दिसंबर को राज्यसभा में चर्चा होगी।

बंकिम चंद्र ने 7 नवंबर 1875 को राष्ट्रगीत लिखा था

भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर लिखा था। यह पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था।

1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया। सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम थीं।

क्या है वंदे मातरम का मतलब?

Vande Mataram का मतलब है- मैं मां को नमन करता हूं… या फिर भारत माता मैं तेरी स्तुति करता हूं. इसीलिए इसे भारत माता का गीत भी कहा जाता है. इसमें वंदे संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका मतलब नमन करना होता है, वहीं मातरम इंडो-यूरोपीय शब्द है, जिसका मतलब ‘मां’ होता है. मातृभूमि के प्रति सम्मान जताने के लिए इस गाने का इस्तेमाल होता है.

• 7 नवंबर 1875 को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने ये गीत लिखा था

• वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास आनंदमठ में 1882 में प्रकाशित किया गया.

• 1896 में कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने वंदे मातरम गाया था.

• 7 अगस्त 1905 को वंदे मातरम राजनीतिक नारे के तौर पर गाया गया था

• 1905 में बंगाल में विभाजन विरोधी और स्वदेशी आंदोलन के दौरान वंदे मातरम विरोध का सुर बना

• 1907 में मैडम भीकाजी कामा ने विदेश में वंदे मातरम लिखा ध्वज फहराया था

• कांग्रेस के वाराणसी अधिवेशन में वंदे मातरम गीत को पूरे भारत समारोहों के लिए अपनाया गया

• 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रीय गीत के तौर पर स्वीकार किया गया

कांग्रेस और 1937 का फैसला

1896 के कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार टैगोर ने इस गीत को गाया और यह पूरे देश में फैल गया। 1905 में इसे राष्ट्रीय आयोजनों का हिस्सा बनाया गया। लेकिन 1930 के दशक में इसके कुछ पदों को लेकर धार्मिक आपत्तियां बढ़ने लगीं। 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने निर्णय लिया कि राष्ट्रीय आयोजनों में सिर्फ पहले दो पद ही गाए जाएंगे- क्योंकि ये पद सर्वमान्य और विवादरहित थे। बाकी पदों में धार्मिक वर्णन था, जिससे कई मुस्लिम नेता असहमत थे।

संविधान सभा का निर्णय

आजादी के बाद 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा की कि ‘जन गण मन’ को राष्ट्रीय गान का दर्जा दिया जाए, साथ ही वंदे मातरम् को समान राष्ट्रीय सम्मान मिलेगा। इस प्रस्ताव का सभी सदस्यों ने समर्थन किया था।

 

About the Author

Taruna Samariya

Author

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: Women Cricketers Reached KBC Show: KBC के मंच पर पहुंची विमेंस क्रिकेटर्स, शेफाली के बचपन का सपना हुआ पूरा..
Next: खजुराहो में दो दिन सरकार: डॉ. मोहन लाड़ली बहनों को जारी करेंगे किस्त

Related Stories

L-Bhopal280226025640
  • Top Story
  • मध्य प्रदेश

भोपाल गैस त्रासदी स्थल पर बनने जा रहा है नए भारत का प्रतीक, 87 एकड़ में बदलेगी इतिहास की तस्वीर?

Gautam sharma February 28, 2026
Uttarakhand e-Zero FIR
  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश

उत्तराखंड में शुरू होगी ई-जीरो FIR व्यवस्था, शाह करेंगे शुभारंभ

himani Shrotiya February 28, 2026
firecracker factory blast
  • Top Story
  • देश-विदेश

आंध्र प्रदेश की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 18 लोगों की मौत

himani Shrotiya February 28, 2026
  • किसानों को कृषि केबिनेट में देंगे होली की सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • ‘प्रोजेक्ट चीता’ से मिल रही मध्यप्रदेश को ‘चीता स्टेट’ की वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर बनाया जायेगा लाभकारी व्यवसाय : मुख्यमंत्री डॉ.यादव
  • प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में प्रिवेंटिव हेल्थ केयर को सशक्त करने निरंतर हो रहे हैं कार्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर दी बधाई

You Know This

  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY
  • DESCLAIMER
  • TERMS and CONDITION
  • About Us
  • भोपाल गैस त्रासदी स्थल पर बनने जा रहा है नए भारत का प्रतीक, 87 एकड़ में बदलेगी इतिहास की तस्वीर?
  • उत्तराखंड में शुरू होगी ई-जीरो FIR व्यवस्था, शाह करेंगे शुभारंभ
  • राज्य स्तरीय HPV टीकाकरण अभियान का शुभारंभ, 300 करोड़ का कैंसर अस्पताल
  • पूर्व रेलकर्मी ब्लैकमेलिंग के आरोप में भोपाल में गिरफ्तार, कब्ज़े से मिली MD ड्रग, अवैध फायर आर्म
  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की मंत्री अनिल विज से मुलाकात
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.