Vandana Katariya Retirement: भारत के हरिद्वार में रहने वाली हॉकी टीम की स्टार प्लेयर वंदना कटारिया ने इंटरनेशनल हॉकी खेल से संयास लेने का ऐलान कर दिया है।
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उन्होंने भारतीय टीम की ओर से सबसे ज्यादा हॉकी मैच खेलने वाली महिला हैं। जिन्होंने 1 अप्रैल मंगलवार यानी की आज 15 साल के यादगार करियर को अलविदा कहते हुए वंदना कटारिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में इंटरनेशनल हॉकी से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है।

कितने मैच खेले..?
32 साल की स्टार प्लेयर वदंना ने भारत के लिए अब तक 320 मैच खेले, अभी तक किसी ने भी इतने मैच नहीं खेले। वदंना भारत की सबसे अधिक मैच खेलने वाली महिला हॉकी प्लेयर हैं।
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भारतीय स्टार हॉकी प्लेयर ने संन्यास का किया ऐलान..
वंदना कटारिया ने अपने संयास की घोषणा करते हुए अपने सोशल मीडिया में इमोशनल पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि-

“आज, भारी लेकिन आभार मन से मैं इंटरनेशनल हॉकी से रिटायरमेंट का ऐलान कर रही हूं। यह फैसला सशक्त करने वाला और दुखी करने वाला दोनों है। मैं इसलिए नहीं हट रही हूं, क्योंकि मेरे अंदर की आग धीमी हो गई है या मेरे अंदर हॉकी नहीं बची, बल्कि इसलिए क्योंकि मैं अपने करियर के टॉप पर संन्यास लेना चाहती हूं, जबकि मैं अभी भी अपने टॉप लेवल पर हूं”।
“यह रिटायरमेंट थकान की वजह से नहीं है.यह इंटरनेशनल लेवल को अपनी शर्तों पर छोड़ने का विकल्प है, मेरा सिर ऊंचा रहेगा और मेरी स्टिक अभी भी आग उगल रही होगी। भीड़ का शोर, हर गोल का रोमांच और भारत की जर्सी पहनने का गर्व हमेशा मेरे मन में गूंजता रहेगा”।
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उन्होंने अपने साथियों को धन्यवाद देते हुए लिखा कि-
“अपनी साथी खिलाड़ियों, अपनी बहनों से मैं यही कहूंगी कि आपके लगाव और विश्वास ने मुझे हिम्मत दी. मेरे कोचों और मेंटर्स ने अपनी सूझबूझ और मुझ पर भरोसे के सहारे मेरे करियर को तराशा”।
“मेरे दिवंगत पिता मेरी चट्टान, मेरे मार्गदर्शक थे.उनके बिना मेरा सपना कभी पूरा नहीं होता। उनके बलिदानों और प्यार से मेरे खेल की नींव पड़ी। उन्होंने मुझे सपने देखने, लड़ने और जीतने के लिये मंच दिया”।
उन्होंने आगे कहा-
“लेकिन यह मेरी कहानी का अंत नहीं है – यह एक नई शुरुआत है। मैं अपनी स्टिक लटका नहीं रही हूं, मैं हॉकी इंडिया लीग और उसके बाद भी खेलती रहूंगी, स्कोर करती रहूंगी और प्रेरणा देता रहूंगी। मैदान पर अभी भी मेरे कदमों की छाप रहेगी और इस खेल के प्रति मेरा जुनून कभी कम नहीं होगा। आज, मैं अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले रही हूं, लेकिन मैं आपकी हर याद, हर सीख और आपके द्वारा मुझे दिए गए प्यार को अपने साथ लेकर चलूंगी। मेरे परिवार, मेरे ईंधन और आत्मा में मेरे हमेशा के साथी बनने के लिए आपका धन्यवाद।”

2009 में सीनियर टीम में किया था डेब्यू..
वंदना टोक्यो ने 2009 में सीनियर टीम में शामिल होकर डेब्यू किया और वंदना कटारिया टोक्यो ओलंपिक 2020 में 158 अंतरराष्ट्रीय गोल करके उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और नई ऊँचाइयों को छुआ। दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ हैट्रिक बनाकर उन्होंने इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया और इस उपलब्धि को हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। भारत को क्वार्टर फ़ाइनल तक पहुँचाने वाले अभियान ने लाखों लोगों को प्रेरित किया।
हरिद्वार की रहने वाली कटारिया ने फरवरी में भुवनेश्वर में एफआईएच प्रो लीग में भारत के लिए आखिरी मैच खेली थी।
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उनकी उपलब्धियां..
1. 2014 एशियाई खेलों में कांस्य, 2018 में रजत और 2023 में कांस्य।
2. 2016 एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण, जहाँ उन्होंने टीम की कप्तानी की।
3. 2018 में रजत जहाँ उन्हें प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट चुना गया
4. 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य और टोक्यो 2020 में भारत के उल्लेखनीय चौथे स्थान पर रहने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका।
5. मैदान से परे, उनकी उपलब्धियों को 2022 में प्रतिष्ठित पद्मश्री से सम्मानित किया गया, जो उनके कौशल और समर्पण का प्रमाण है।
