उत्तराखंड हर नागरिक को समान अधिकार
नए साल के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड हर नागरिक को समान अधिकार देने के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य होगा और अन्य राज्यों को राह दिखाएगा।
एक्स पर एक पोस्ट में सीएम धामी ने कहा, “देवभूमि उत्तराखंड की देवतुल्य जनता के आशीर्वाद से हम राज्य के नागरिकों को समान अधिकार देने के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने जा रहे हैं, यह कानून न केवल समानता को बढ़ावा देगा बल्कि देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाए रखने में भी मददगार साबित होगा।”
नागरिक संहिता संहिता के नियमों पर अंतिम मुहर
7 अक्टूबर को समान नागरिक संहिता मसौदा समिति द्वारा समान नागरिक संहिता संहिता के नियमों पर अंतिम मुहर लगने के बाद उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।
इससे पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नए साल के मौके पर शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे इस साल को नई उपलब्धियों के साथ ऐतिहासिक साल बनाएंगे।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य इस वर्ष 2000 में अपने गठन के 25 वर्ष पूरे करेगा। धामी ने कहा, “मैं सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं… हम सभी को प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाना है। उत्तराखंड को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने में उत्तराखंड का हर निवासी अपना योगदान देगा… नया साल नई उपलब्धियों का होगा और हमारा संकल्प पूरा होगा तथा राज्य के रजत जयंती वर्ष में हम अनेक उपलब्धियां हासिल करेंगे।
उन्होंने कहा, हमारे सभी सरकारी विभाग भी इसमें जी-जान से जुटेंगे। हम इस वर्ष को नई उपलब्धियों के साथ ऐतिहासिक वर्ष बनाएंगे, क्योंकि हम 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं और 25 वर्षीय उत्तराखंड आज पूरी तरह युवा हो गया है और युवाओं को पूरे जोश और उत्साह के साथ नई गति मिलेगी।
