Uttarakhand Teacher Promotion: उत्तराखंड में 2100 शिक्षकों के जल्द ही प्रमोशन होने वाले हैं। शिक्षक पदोन्नति से जुड़े विवाद में बड़ा फैसले लेते हुए उत्तराखंड सरकार, हाईकोर्ट से वाद वापस लेने जा रही है। शिक्षा सचिव के मुताबिक केस वापस लेने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन कर दिया है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व ही शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने केस वापस लेने के निर्देश दिए थे।

अटके प्रमोशन की राह खुली
उसी को देखते हुए शासन स्तर से तैयारियां शुरू हो गई थी। राज्य सरकार के इस निर्णय से शिक्षकों के 14 साल से अटके प्रमोशन की राह खुलने की आस है। यदि शिक्षक भी केस वापस लेते हैं तो 3200 से ज्यादा प्रमोशन की राह खुलेगी। वर्तमान में 2100 शिक्षकों के प्रवक्ता कैडर में प्रमोशन रुके हैं। इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य के 1200 और हाईस्कूल प्रधानाध्यापक के 800 पद खाली हैं। यदि इन सभी पदों में से आधे भी प्रमोशन से भर लिए जाते हैं तो इनकी संख्या भी लगभग 1000 होगी।
Uttarakhand Teacher Promotion: पदोन्नति का लाभ
इधर, शिक्षा सचिव के मुताबिक प्रमोशन प्रकरण में दायर केस वापस लेने को लेकर न्याय विभाग से राय ली थी। लंबे विचार-विमर्श के बाद विभाग ने कोर्ट में पक्ष रखा है। राज्य सरकार चाहती है कि पात्र शिक्षकों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिले। साल 1995 में तत्कालीन UP सरकार ने तदर्थ रूप से नियुक्त शिक्षकों को अक्तूबर 1990 से विनियमित करने का निर्णय लिया था। साल 2000 तक शिक्षकों को मौलिक नियुक्ति दी गई थी। शिक्षक 1990 से वरिष्ठता की मांग कर रहे हैं। सरकार ने 23 जुलाई 2019 को इसे मंजूरी दे। बाद में बैकडेट से वरिष्ठता पर रोक लगा दी गई। इसके बाद लोक सेवा अभिकरण के निर्णय के खिलाफ सरकार कोर्ट चली गई।
