Uttarakhand skill mapping training program :उत्तराखंड में पहली बार ‘स्किल मैपिंग’ योजना शुरू की गई है, जिसके तहत युवाओं को इंडस्ट्री की मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें एक यूनिक स्किल आईडी जारी की जाएगी। यह पहल युवाओं को मल्टीनेशनल कंपनियों (MNC) में नौकरी दिलाने में सरकार की मदद करेगी।
स्किल मैपिंग का महत्व
उत्तराखंड सरकार ने कौशल विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से स्किल मैपिंग योजना लागू की है। इस योजना के तहत युवाओं के कौशल का आकलन कर इंडस्ट्री की मांग के मुताबिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। युवाओं को उनकी योग्यताओं के अनुसार उचित क्षेत्र में रोजगार दिलाने के लिए जरूरी कदम है।
स्किल आईडी
प्रत्येक प्रशिक्षित युवा को एक डिजिटल स्किल आईडी जारी की जाएगी, जो उनके कौशल और प्रशिक्षण का प्रमाण होगी। इसके माध्यम से नौकरी देने वाली कंपनियां सीधे उनकी दक्षताओं को पहचान सकेंगी, जिससे प्लेसमेंट की संभावना बढ़ेगी। प्रशिक्षण केंद्रों में उद्योग अनुसार कोर्स और प्रैक्टिकल लेब्स की सुविधा दी जाएगी।
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MNC में रोजगार के अवसर
सरकार का उद्देश्य युवाओं को बड़े और मल्टीनेशनल कंपनियों में रोजगार दिलाना है। इसके लिए इंडस्ट्री के साथ साझेदारी और बेहतर कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उत्तराखंड के युवाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी और प्रदेश में बेरोजगारी कम होगी।
सरकार की अन्य पहलें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कौशल विकास को स्वरोजगार और उन्नति के केंद्र से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के दूरदराज इलाकों में ‘स्किल ऑन व्हील्स’ वैन की शुरुआत की जाएगी
महिलाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी समेत कई सेक्टर्स में रोजगार के लिए विदेशी भाषाए सिखाई जाएगी।
उत्तराखंड की यह नई पहल युवाओं को उनके सपनों के करीब लाने और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के लिए एक मजबूत आधार साबित होगी। युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण, स्किल आईडी और रोजगार से जोड़ने के इस प्रयास से प्रदेश में कौशल विकास का नया अध्याय खुलेगा।
